Election Commission: पंजाब में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से सांसद राघव चड्ढा का नाम कटा, ASDD श्रेणी में डाला गया
Election Commission: पंजाब में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए जाने का मामला सामने आया है। सूची में उनके नाम के सामने ‘Permanently Shifted’ दर्ज है और उन्हें ASDD श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, यह अंतिम मतदाता सूची नहीं है। राघव चड्ढा 12 सितंबर तक दावा-आपत्ति दाखिल कर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं।
Election Commission: पंजाब में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) अभियान के दौरान एक बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। राज्य की हालिया ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम हटा दिया गया है। मतदाता सूची में उनके नाम के आगे 'Permanently Shifted' यानी 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' दर्ज किया गया है। चुनाव आयोग ने राघव चड्ढा को ASDD (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) श्रेणी में रखा है। चुनाव आयोग ने 13 अगस्त को पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की थी।
राघव चड्ढा को 12 सितंबर तक का समय
इस सूची के गहन मिलान और जांच के दौरान राघव चड्ढा का नाम कटने का मामला उजागर हुआ। हालांकि, राहत की बात यह है कि यह आयोग की अंतिम (फाइनल) वोटर लिस्ट नहीं है। SIR प्रक्रिया के तहत जिन भी लोगों के नाम हटाए गए हैं, उन्हें अपनी स्थिति स्पष्ट करने और आपत्ति दर्ज कराने का पूरा समय दिया जा रहा है। राघव चड्ढा के पास 12 सितंबर तक का समय है, जब वे नाम हटाए जाने के खिलाफ अपनी आपत्ति दाखिल कर सकते हैं या फिर से नाम जोड़ने के लिए जरूरी फॉर्म भर सकते हैं।
नाम हटने की चर्चाएं तेज
राघव चड्ढा साल 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर पंजाब से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। इसके बाद अप्रैल में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया था। इस सियासी फेरबदल के बाद वोटर लिस्ट से उनका नाम हटने की खबर ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह पंजाब में ही अपना नाम दोबारा जुड़वाते हैं या दिल्ली/अन्य किसी स्थान की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराते हैं। पंजाब में चुनाव आयोग द्वारा चलाया जा रहा SIR अभियान काफी व्यापक स्तर पर जारी है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाना है।
कुल हटे नाम: अब तक लगभग 20.66 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से छांटे जा चुके हैं।
प्रतिशत: यह आंकड़ा पंजाब के कुल पंजीकृत मतदाताओं का करीब 9.7 फीसदी है।
मकसद: फर्जीवाड़ा रोकना और मृत, अनुपस्थित या एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों को सूची से बाहर करना।
दावे और आपत्तियां प्राप्त होने की समयसीमा समाप्त होने के बाद ही चुनाव आयोग अंतिम और संशोधित मतदाता सूची जारी करेगा।