Mahasamund Elephant: बेकाबू दंतैल की दस्तक, राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर अलर्ट, कई गांवों में खतरे की घंटी
Mahasamund Elephant: वन मंडल क्षेत्र में विशालकाय नर दंतैल हाथी की चहलकदमी से कई गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने हाई अलर्ट जारी कर निगरानी टीम तैनात की है और ग्रामीणों व NH-53 से गुजरने वाले वाहन चालकों को सतर्क रहने की अपील की है।
Mahasamund Elephant: छत्तीसगढ़ के महासमुंद वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर विशालकाय नर 'दंतैल' हाथी की चहलकदमी से इलाके में दहशत का माहौल है। बुधवार, 3 सितंबर 2026 को मिली ताजा जानकारी के अनुसार, यह अकेला दंतैल हाथी बांसकुड़ा गांव के खेतों से होकर गुजरते हुए वन विकास निगम के कक्ष क्रमांक 830, 829 और 822 के जंगलों में डेरा जमाए हुए है। हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है और कई आसपास के इलाकों के लिए चेतावनी जारी की गई है। हाथी की लगातार बदलती लोकेशन को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 53 (NH-53) से गुजरने वाले वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। वन विभाग ने अपील की है कि इस मार्ग पर यात्रा करते समय बेहद सावधानी रखें, रफ्तार पर नियंत्रण रखें और रात के समय अनावश्यक रूप से रुकने से बचें।
इन गांवों में 'हाई अलर्ट', ग्रामीण रहें बेहद सावधान
हाथी की आवाजाही को देखते हुए वन मंडल ने कई गांवों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है:
हाई अलर्ट वाले गांव: कुहरी, कोडार, बांसकुड़ा, जलकी, बिरबीरा और कौवाझर।
अलर्ट वाले गांव: लोहारडीह, बंजारी, सोरिद और बनसिवनी।
हाथी की हरकत पर विभाग की नजर
विभाग ने इन सभी क्षेत्रों के ग्रामीणों को निर्देश दिए हैं कि वे बेवजह जंगलों की तरफ न जाएं। यदि किसी को भी हाथी नजर आता है, तो उसके पास जाने या उसे उकसाने की गलती बिल्कुल न करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत नजदीकी वनकर्मी को इसकी सूचना दें। हाथी की हर हरकत पर बारीक नजर रखने के लिए वन विभाग ने एक समर्पित ट्रैकिंग टीम तैनात कर दी है। यह टीम प्रभावित इलाकों में लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी तरह की जनहानि या नुकसान को रोका जा सके।
निगरानी दल में शामिल प्रमुख सदस्य:
वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है और अफवाहों पर ध्यान न देकर केवल विभागीय निर्देशों का पालन करने को कहा है।