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Action taken against hospitals under the Ayushman scheme (Image Source: Keertiman Media)
Action taken against hospitals under the Ayushman scheme (Image Source: Keertiman Media)
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Ayushman Bharat Scheme: MP के 83 अस्पतालों पर गिरी गाज, भोपाल के 25 सेंटर्स पर भी बड़ा एक्शन

Ayushman Bharat Scheme: मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत अनियमितता करने वाले 83 अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है। 18 अस्पतालों को ब्लैकलिस्ट, 15 को निलंबित और 50 पर 3.13 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। दो अस्पतालों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई गई है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 03 Sep 2026, 11:50 AM · अपडेट: 19 Oct 2026, 11:10 AM
मध्य प्रदेश
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Ayushman Bharat Scheme: मध्य प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों के इलाज में खेल करने वाले अस्पतालों के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। 'दक्ष आयुष्मान' जीरो टॉलरेंस फ्रेमवर्क के तहत की गई कार्रवाई में प्रदेश के 83 अस्पतालों को दोषी पाया गया है। स्टेट हेल्थ एजेंसी द्वारा किए गए डेस्कटॉप ऑडिट और क्लेम दस्तावेजों की पड़ताल में धांधली का खुलासा होने के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई है।

3.13 करोड़ का जुर्माना, 18 अस्पताल ब्लैकलिस्ट

बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद अपनी कार्यशैली में सुधार न करने वाले अस्पतालों पर सीधी गाज गिरी है:

  • डी-एम्पैनलमेंट व ब्लैकलिस्ट: 18 अस्पतालों को योजना से बाहर करते हुए हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।

  • निलंबन (Suspension): 15 अस्पतालों की संबद्धता को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।

  • आर्थिक दंड: 50 अस्पतालों पर कुल 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।

  • पुलिस केस: गंभीर गबन के मामलों में 2 अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है।

    राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा गड़बड़ी, 25 अस्पताल लपेटे में 

कार्रवाई की इस जद में राजधानी भोपाल के अस्पताल सबसे आगे रहे। भोपाल के कुल 25 अस्पतालों पर शिकंजा कसा गया है, जिन पर अकेले 2 करोड़ 11 लाख 91 हजार 492 रुपए की पेनल्टी ठोकी गई है। भोपाल में 4 अस्पतालों का डी-एम्पैनलमेंट किया गया है, 8 को सस्पेंड किया गया है और 13 अस्पतालों पर जुर्माना लगा है। इसी कार्रवाई के तहत शहर के चर्चित सिद्धांता सुपर स्पेशयलिटी अस्पताल की आयुष्मान संबद्धता को भी अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया है।

जांच में सामने आईं चौंकाने वाली अनियमितताएं

ऑडिट रिपोर्ट से साफ हुआ है कि अस्पताल किस तरह सरकारी खजाने और मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे थे:

  • बिना जरूरत ICU में भर्ती: आयुष्मान पैकेज का ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए मरीजों को बेवजह आईसीयू में रखा जा रहा था।

  • कागजों पर बेड ज्यादा, जमीन पर गायब: रिकॉर्ड में दर्ज बेड संख्या और अस्पताल में मौजूद वास्तविक बेड में भारी अंतर मिला। कुछ सेंटर्स में तय क्षमता से 30% तक कम बेड पाए गए।

  • नियमों का उल्लंघन: फर्जी दस्तावेज लगाकर क्लेम उठाने और आयुष्मान पैकेज के नियमों को ताक पर रखने के कई मामले सामने आए।

"अस्पतालों को सुधरने के कई मौके दिए गए और बार-बार नोटिस भेजे गए। इसके बावजूद जिन्होंने व्यवस्था में सुधार नहीं किया, उन पर सख्त एक्शन लिया गया है। फर्जीवाड़े के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।" — अरविंद शाह, सीईओ (आयुष्मान निरामय योजना, मध्य प्रदेश)

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