3.13 करोड़ का जुर्माना, 18 अस्पताल ब्लैकलिस्ट
बार-बार चेतावनी और नोटिस के बावजूद अपनी कार्यशैली में सुधार न करने वाले अस्पतालों पर सीधी गाज गिरी है:
डी-एम्पैनलमेंट व ब्लैकलिस्ट: 18 अस्पतालों को योजना से बाहर करते हुए हमेशा के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
निलंबन (Suspension): 15 अस्पतालों की संबद्धता को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है।
आर्थिक दंड: 50 अस्पतालों पर कुल 3 करोड़ 13 लाख 79 हजार 311 रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।
पुलिस केस: गंभीर गबन के मामलों में 2 अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है।
राजधानी भोपाल में सबसे ज्यादा गड़बड़ी, 25 अस्पताल लपेटे में
जांच में सामने आईं चौंकाने वाली अनियमितताएं
ऑडिट रिपोर्ट से साफ हुआ है कि अस्पताल किस तरह सरकारी खजाने और मरीजों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे थे:
बिना जरूरत ICU में भर्ती: आयुष्मान पैकेज का ज्यादा से ज्यादा पैसा वसूलने के लिए मरीजों को बेवजह आईसीयू में रखा जा रहा था।
कागजों पर बेड ज्यादा, जमीन पर गायब: रिकॉर्ड में दर्ज बेड संख्या और अस्पताल में मौजूद वास्तविक बेड में भारी अंतर मिला। कुछ सेंटर्स में तय क्षमता से 30% तक कम बेड पाए गए।
नियमों का उल्लंघन: फर्जी दस्तावेज लगाकर क्लेम उठाने और आयुष्मान पैकेज के नियमों को ताक पर रखने के कई मामले सामने आए।
"अस्पतालों को सुधरने के कई मौके दिए गए और बार-बार नोटिस भेजे गए। इसके बावजूद जिन्होंने व्यवस्था में सुधार नहीं किया, उन पर सख्त एक्शन लिया गया है। फर्जीवाड़े के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।" — अरविंद शाह, सीईओ (आयुष्मान निरामय योजना, मध्य प्रदेश)
