Wednesday, 29 Jul 2026 भारत
ब्रेकिंग
मलेरिया की कहर : 35 ग्रामीण मिले पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट PoK में हालात बेकाबू : सेना की गोलीबारी में 30 की मौत, सड़कों पर उतरी जनता ने भारत से मांगी मदद संसद के मानसून सत्र का 8वां दिन आज, पेपर लीक बिल पर होगी नजर, विपक्ष ने बनाई रणनीति डोंगरगढ़ में खूनी वारदात : मामूली विवाद के बाद युवक की हत्या, धारदार हथियार से किया हमला डबल मनी मामला : मास्टरमाइंड सोमेंद्र की दो लक्जरी कारें जब्त, हिरासत में लिए गए संदिधों से SIT की पूछताछ जारी अनोखा मामला : शादी के 25 दिन बाद खुला राज, किन्नर निकली दुल्हन मलेरिया की कहर : 35 ग्रामीण मिले पॉजिटिव, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट PoK में हालात बेकाबू : सेना की गोलीबारी में 30 की मौत, सड़कों पर उतरी जनता ने भारत से मांगी मदद संसद के मानसून सत्र का 8वां दिन आज, पेपर लीक बिल पर होगी नजर, विपक्ष ने बनाई रणनीति डोंगरगढ़ में खूनी वारदात : मामूली विवाद के बाद युवक की हत्या, धारदार हथियार से किया हमला डबल मनी मामला : मास्टरमाइंड सोमेंद्र की दो लक्जरी कारें जब्त, हिरासत में लिए गए संदिधों से SIT की पूछताछ जारी अनोखा मामला : शादी के 25 दिन बाद खुला राज, किन्नर निकली दुल्हन
W 𝕏 f
होम रायपुर फर्जीवाड़ा : लोन बुक में हेरफेर कर जमानत की कोशिश…
फर्जी जमानत मामले में पुलिस कार्रवाई
फर्जी जमानत मामले में पुलिस कार्रवाई
रायपुर

फर्जीवाड़ा : लोन बुक में हेरफेर कर जमानत की कोशिश, तीन महिलाएं जेल भेजी गईं

कोर्ट परिसर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरोपियों की जमानत कराने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका (Loan Book) और अन्य दस्तावेजों में हेरफेर कर खुद को जमानतदार बताकर आरोपियों की जमानत कराने की कोशिश कर रही थीं।

कीर्तिमान डेस्क
कीर्तिमान डेस्क
29 Jul 2026, 11:08 AM
रायपुर

 कोर्ट परिसर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे आरोपियों की जमानत कराने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिलाएं न्यायालय में पेश होने वाले आरोपियों की जमानत प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्हें जमानत दिलाने की कोशिश कर रही थीं। इस कार्रवाई के बाद कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की सतर्कता के चलते यह फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे आरोपियों की योजना सफल नहीं हो सकी। फिलहाल पुलिस गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है।

खुद को बता रही थीं जमानतदार

पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों महिलाएं फर्जी ऋण पुस्तिका (Loan Book) और अन्य दस्तावेजों में हेरफेर कर खुद को जमानतदार के रूप में पेश कर रही थीं। आरोपियों ने दस्तावेजों में काट-छांट और बदलाव कर ऐसे कागजात तैयार किए थे, जिससे वह न्यायालय की प्रक्रिया में जमानतदार के तौर पर शामिल हो सकें। बताया जा रहा है कि जमानत के लिए जरूरी दस्तावेजों की जांच के दौरान पुलिस को कुछ कागजातों पर संदेह हुआ। दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर उनमें गड़बड़ी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट परिसर में मौजूद तीनों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

महिलाओं को लिया गया हिरासत में

मामले की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस टीम ने तत्काल कोर्ट परिसर पहुंचकर संदिग्ध महिलाओं को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उनसे दस्तावेजों और जमानत प्रक्रिया से जुड़े कई बिंदुओं पर पूछताछ की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान महिलाओं ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से आरोपियों की जमानत कराने की कोशिश करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने गिरफ्तार महिलाओं के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार करने, दस्तावेजों में कूटरचना करने और धोखाधड़ी से जुड़े प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी महिलाएं इससे पहले कितने मामलों में इस तरह की गतिविधियों में शामिल रही हैं। इसके लिए पुराने रिकॉर्ड और न्यायालय में कराई गई जमानत प्रक्रियाओं की भी जांच की जा सकती है।

बड़े नेटवर्क की आशंका

पुलिस को आशंका है कि इस पूरे मामले में सिर्फ तीन महिलाएं ही शामिल नहीं हैं, बल्कि इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस अब आरोपियों के संपर्कों, दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले लोगों और फर्जी कागजात तैयार करने वालों की जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इन महिलाओं ने पहले भी किसी आरोपी की जमानत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराने में मदद की है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने बढ़ाई कोर्ट परिसर में निगरानी

इस घटना के बाद कोर्ट परिसर में दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर पुलिस और संबंधित विभागों ने सतर्कता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि न्यायालयीन प्रक्रिया में किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे फर्जीवाड़े की वास्तविक तस्वीर सामने आ पाएगी। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
गाइए और छा जाइए
कलमकार
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
भारत
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें