शहर में कारोबारी की कार का शीशा तोड़कर करीब पौने पांच लाख रुपये पार करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरी साजिश का सूत्रधार कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि उसी होंडा शोरूम का कर्मचारी निकला जहाँ पीड़ित व्यापारी अपनी गाड़ी खड़ी करता था। दुर्ग पुलिस की एसीसीयू और पुलगांव थाना टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक युवती समेत कुल पांच आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में मास्टरमाइंड भुवनेश्वर डहरिया (23), संजय साहू (22), जितेंद्र कुमार साहू (28), सपना राजपूत (20) और संतोष जोशी (48) शामिल हैं।
गाड़ी का शीशा तोड़ पैसों से भरा बैग पार
पुलिस ने इनके पास से 1.57 लाख रुपये नकद, दो पल्सर बाइक और एक एक्टिवा स्कूटी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, मामला 28 जुलाई का है। मुक्त नगर के रहने वाले व्यवसायी प्रमोद महेश्वरी अपनी मारुति स्विफ्ट कार में काले रंग के बैग में करीब 4.90 लाख रुपये रखकर निकले थे। वे पोटिया रोड स्थित 'उत्सव होंडा शोरूम' के बाहर अपनी कार खड़ी कर किसी काम से चले गए। थोड़ी देर बाद जब वे वापस लौटे, तो गाड़ी की खिड़की का शीशा टूटा पड़ा था और पैसों से भरा बैग गायब था।
शोरूम का कर्मचारी ही निकला चोर
पीड़ित की शिकायत पर पुलगांव थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। दिनदहाड़े हुई इस बड़ी चोरी की वारदात को पुलिस ने गंभीरता से लिया। तफ्तीश के दौरान पुलिस की टीमों ने पीड़ित के घर से लेकर घटनास्थल तक करीब 5 किलोमीटर के दायरे में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। साइबर सेल, तकनीकी इनपुट और मुखबिरों से मिले सुरागों की कड़ियां जोड़ने पर शक की सुई उत्सव होंडा शोरूम के कर्मचारी भुवनेश्वर डहरिया की तरफ घूमी। जब पुलिस ने भुवनेश्वर को कस्टडी में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरा मामला परत-दर-परत खुल गया।कार में नकदी की थी सटीक जानकारी
आरोपी ने कबूला कि उसकी सहकर्मी सपना राजपूत के जरिए उसे व्यापारी प्रमोद महेश्वरी की आवाजाही और कार में नकदी की मौजूदगी की सटीक जानकारी मिलती थी। व्यापारी पर काफी समय से पैनी नजर रखी जा रही थी। जैसे ही 28 जुलाई को मौका मिला, आरोपियों ने पहले से तय योजना के तहत कार का शीशा तोड़ा और बैग लेकर रफूचक्कर हो गए। पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए गिरोह के सदस्यों ने अलग-अलग बाइक और स्कूटी का इस्तेमाल किया था।
पांचों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 1.57 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल तीनों दोपहिया वाहन जब्त कर लिए हैं। सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और बचे हुए रुपयों की रिकवरी के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा पुलिस यह भी खंगाल रही है कि क्या इस गिरोह ने शहर में इस तरह की किसी अन्य वारदात को अंजाम दिया है।