Gangrel Dam Protest: धमतरी में डुबान प्रभावित ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन तेज होता नजर आ रहा है, लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर बांध के तट पर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने साफ किया है कि समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे। नियमानुसार भूमि उपलब्ध कराने और उचित विस्थापन की व्यवस्था करने की है।
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को उनकी समस्याओं से राहत दिलाने और पुनर्वास से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है। विरोध केवल मांगों को सामने रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं को सुनें और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाएं।
हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना का आरोप
प्रभावित परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने और उचित विस्थापन सुनिश्चित करने की मांग पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने विरोध प्रदर्शन के माध्यम से अपनी बात रखने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों की मांग है कि न्यायालय के आदेश के अनुरूप मामले में कार्रवाई की जाए और प्रभावित परिवारों को उनका उचित अधिकार मिले।

भूमि और उचित विस्थापन की मांग पर अड़े ग्रामीण
गंगरेल बांध के डुबान प्रभावित ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग उन्हें भूमि उपलब्ध कराने और उचित पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने की है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रभावित परिवारों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और विस्थापन से जुड़े मुद्दों का समाधान किया जाए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गंगरेल बांध के डुबान प्रभावितों का अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह जारी
इस आंदोलन के जरिए वे प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की अपेक्षा कर रहे हैं। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है और समाधान के लिए कोई ठोस पहल करता है या नहीं। फिलहाल, गंगरेल बांध तट पर जारी जल सत्याग्रह ने डुबान प्रभावितों के भूमि और विस्थापन से जुड़े मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।





