Gariband bridge construction: गरियाबंद जिले के खामभाठा क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को हो रही परेशानी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने मामले की जानकारी लेने के लिए गरियाबंद कलेक्टर रणबीर शर्मा से दूरभाष पर चर्चा की और पुल निर्माण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पुल का निर्माण तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य में हो रही देरी को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब करने के निर्देश भी दिए हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर CM साय सख्त
बच्चों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को किसी भी तरह का जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े। इसके लिए जिला प्रशासन तत्काल सुरक्षित और आसान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करे। उन्होंने पुल निर्माण स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के भी निर्देश दिए।
निर्माण स्थल की सुरक्षा पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि खुले हुए सरियों, गहरे गड्ढों और अन्य खतरनाक स्थानों को तुरंत सुरक्षित किया जाए। जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग सहित सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। निर्माण कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं होगी मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में जनहित से जुड़े सभी विकास कार्यों को समय पर पूरा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
CM साय ने कलेक्टरों को दिए सख्त निर्देश
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और जहां भी काम की गति धीमी है, वहां आने वाली बाधाओं को तत्काल दूर कर निर्माण में तेजी लाई जाए। कलेक्टरों को नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को विकास कार्यों की लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर उसका जल्द समाधान किया जाए, ताकि स्वीकृत योजनाओं का लाभ आम जनता को समय पर मिल सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनहित के कार्यों में जवाबदेही तय करते हुए समय पर काम पूरा कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।