Police Station Explosion: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वसुंधरा पुलिस चौकी के भीतर शुक्रवार (6 नवंबर) की रात एक तेज धमाका हुआ। ब्लास्ट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि चौकी की खिड़कियों के कांच के शीशे चकनाचूर हो गए और दीवार में साफ दरारें आ गईं। इस अचानक हुए हादसे में एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी बॉय गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत चिकित्सीय सहायता दी गई।
आखिर क्या है पूरा मामला?
घटना के संबंध में जानकारी देते हुए इंदिरापुरम के एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि फिलहाल विस्फोट के असली कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 9 बजे जब यह हादसा हुआ, उस समय चौकी के अंदर एक सब-इंस्पेक्टर मौजूद थे। उनके साथ एक डिलीवरी बॉय भी वहां था, जो कोई सामान देने के लिए आया हुआ था। धमाका इतना अचानक और तेज था कि उड़कर आए कांच के टुकड़ों की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय घायल हो गया।
चौकी के पास सीसीटीवी न होने से उलझी गुत्थी
इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। घटना के तुरंत बाद वसुंधरा पुलिस चौकी के आसपास के पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर सील कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) की टीम ने तुरंत मौके पर मोर्चा संभाल लिया। पुलिस के तमाम वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया है। वहीं, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने मौके से जरूरी सबूत और सैंपल जुटा लिए हैं, जिन्हें आगे की जांच और परीक्षण के लिए आगरा स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे हैरान और चिंताजनक पहलू यह है कि पुलिस चौकी के आसपास एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा हुआ है। इस वजह से यह धमाका कैसे हुआ और इससे पहले या बाद में वहां कौन-कौन आया-गया, इसकी कोई भी डिजिटल फुटेज रिकॉर्ड नहीं हो सकी है। सीसीटीवी कैमरों की गैर-मौजूदगी के चलते अब जांच एजेंसियों के लिए इस मिस्ट्री को सुलझाना थोड़ा चुनौतीपूर्ण जरूर हो गया है, लेकिन पुलिस और एजेंसियां हर एक एंगल से बारीकी से पड़ताल में जुटी हैं।











