कलेक्टर के निर्देश पर उड़ी संयुक्त टीम
दिलीप अग्रवाल का गोदाम: यहां से 75 बोरी मोटा धान बरामद किया गया।
यतीश जायसवाल का गोदाम सह मकान: इस ठिकाने से 50 बोरी धान जब्त हुआ।
पवन अग्रवाल का गोदाम: सबसे बड़ी खेप यहीं मिली, जहां से 125 बोरी मोटा धान जप्त किया गया।
इन तीनों ठिकानों से कुल मिलाकर 250 बोरी मोटा धान ज़ब्त किया गया है, जिसे प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है।
क्यों हो रही है इतनी सख्ती?
आपको बता दें कि कोरबा जिले में आगामी 15 नवंबर से पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू होनी है। प्रशासन की मंशा है कि इस बार व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी बिचौलिए या बाहरी व्यक्ति को इसका अवैध फायदा न उठाने दिया जाए। अक्सर यह देखा गया है कि बिचौलिए किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से धान खपाने की फिराक में रहते हैं, जिससे असली किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी आशंका को भांपते हुए जिला प्रशासन ने अभी से निगरानी तेज कर दी है और पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।
मंडी अधिनियम के तहत होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि धान के अवैध भंडारण, अवैध परिवहन या खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जब्त किए गए धान के मामले में मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी और सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली संयुक्त जांच टीम में कटघोरा तहसीलदार सूर्य प्रकाश केसकर, मंडी सचिव नारायण पटेल, मंडी सब इंस्पेक्टर आकाश भारद्वाज और दिनेश कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। प्रशासन के इस रुख से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।












