Fire Incident: एक तरफ जहां पूरा शहर धनतेरस के जश्न में डूबा हुआ था, लोग बाजारों में खरीदारी कर रहे थे और घरों में दीये जलाने की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई। धनतेरस (6 नवंबर) की रात शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र के लेमा गार्डन के पास स्थित गाजी नगर मैदान में अचानक आग का ऐसा तांडव मचा कि पलभर में दर्जनों परिवारों की उम्मीदें और उनका आशियाना राख के ढेर में बदल गया।
दीपावली से ठीक पहले उजड़ गए आशियाने
गाजी नगर मैदान में बनी झुग्गियों में अचानक लगी इस भीषण आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते 50 से ज्यादा झुग्गियां इसकी चपेट में आ गईं। दीपावली के ठीक दो दिन पहले हुए इस हादसे ने वहां रहने वाले गरीबों की खुशियों को पूरी तरह छीन लिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे में गरीबों का सिर्फ आशियाना ही नहीं जला, बल्कि उनके घर में रखा खाने-पीने का अनाज, रोजमर्रा का गृहस्थी का सामान और पहनने-ओढ़ने के कपड़े तक जलकर स्वाहा हो गए। हालात यह हैं कि अब इन पीड़ित परिवारों के पास न तो सिर छिपाने के लिए छत बची है और न ही सोने के लिए बिस्तर या खाने के लिए एक दाना।
12 से ज्यादा दमकल गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस प्रशासन को सूचना दी। आग की भयावहता को देखते हुए दमकल विभाग को तुरंत अलर्ट किया गया। फायर ब्रिगेड विभाग के कर्मचारी ओम प्रकाश अहिरवार ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम से आग लगने की सूचना मिलते ही गाड़ियों को तुरंत रवाना किया गया था। आग पर पूरी तरह काबू पाने के लिए 12 से ज्यादा दमकल गाड़ियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंचे कोतवाली सीएसपी (CSP) अखिलेश गौर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बिजली विभाग से संपर्क कर पूरे इलाके की बिजली कटवाई, ताकि किसी बड़े करंट के खतरे से बचा जा सके और राहत एवं बचाव कार्य (रेस्क्यू ऑपरेशन) सुरक्षित तरीके से चलाया जा सके। घटना की सूचना मिलते ही कई आला अधिकारी भी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
बार-बार क्यों सुलग रहा है गाजी नगर मैदान?
स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस आग की असली वजह क्या थी? फिलहाल आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ होगा। गौर करने वाली बात यह है कि जिस गाजी नगर मैदान की झुग्गियों में यह आग लगी है, वहां करीब 350 से ज्यादा झुग्गियां बसाई गई हैं। हैरानी की बात यह है कि इस इलाके में पहले भी दो बार आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
नुकसान का सही आंकलन अभी बाकी
प्रशासन का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कुल कितना आर्थिक नुकसान हुआ है। हालांकि, जिस पैमाने पर तबाही मची है, उसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन गरीब परिवारों को इस सदमे से उबरने में काफी लंबा समय लगेगा। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर पीड़ितों की मदद के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं, लेकिन दीपावली के मुहाने पर खड़े इन परिवारों का इस तरह उजड़ जाना हर संवेदनशील दिल को झकझोर देने वाला है।












