सुबह की एक खौफनाक शुरुआत
घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के नेहरू चौक की है। रोज़ की तरह शुक्रवार की सुबह घर में सब कुछ सामान्य था। कपड़ा कारोबारी राकेश गुप्ता (45) सुबह नींद से जागे और तरोताजा होने के लिए घर की पहली मंजिल की बालकनी में पहुंचे। उन्हें ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी सुबह साबित होगी। जैसे ही राकेश ने बालकनी की लोहे की ग्रिल को छुआ, वे अचानक तेज़ बिजली के झटके की चपेट में आ गए और ग्रिल से ही चिपक गए।
पिता को बचाने दौड़ा बेटा, वह भी हुआ शिकार
कुछ ही दूरी पर मौजूद राकेश का 24 साल का बेटा ओम गुप्ता अपने पिता की चीख और उनकी हालत देखकर घबरा गया। बिना एक पल गंवाए, वह पिता को बचाने के लिए दौड़ा। ओम ने अपने पिता को ग्रिल से छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से करंट इतना तेज था कि वह भी उसकी चपेट में आ गया और दोनों पिता-पुत्र बेजान होकर वहीं ग्रिल से चिपक गए।
मां ने भी की कोशिश, झटके से दूर जा गिरीं
अपने पति और बेटे को इस तरह तड़पता देख वर्षा गुप्ता (45) खुद को रोक नहीं पाईं और उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। जैसे ही उन्होंने अपने परिवारिक सदस्यों को संभालने की कोशिश की, बिजली के एक तेज झटके ने उन्हें भी अपनी चपेट में ले लिया और झटके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वे दूर जाकर फर्श पर गिर पड़ीं। घर के अंदर से अचानक मची इस चीख-पुकार को सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े। लोगों ने किसी तरह हिम्मत जुटाकर बिजली के प्रवाह को संभाला और तीनों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में तोड़ा दम, मां की हालत नाजुक
जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद राकेश गुप्ता और उनके बेटे ओम गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, गंभीर रूप से झुलसीं वर्षा गुप्ता की हालत लगातार नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत रायपुर रेफर कर दिया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है।












