Gold Silver Price: अमेरिका के ईरान पर हमले और इसके जवाब में तेहरान की कार्रवाई के बीच वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ गया है। सरकारी बॉन्ड की बिकवाली और डॉलर में मजबूती का असर सोने की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है। न्यूयॉर्क से लेकर मुंबई तक बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
मुंबई स्थित मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह करीब 9:30 बजे गोल्ड फ्यूचर 1.01 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,50,200 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, सिल्वर फ्यूचर 1.37 प्रतिशत गिरकर 2,32,210 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र के बंद भाव की तुलना में सोना करीब 1,500 रुपए और चांदी लगभग 3,000 रुपए नीचे कारोबार कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना करीब 4,330 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 6 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है, जिसके बाद कीमतें लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। दूसरी ओर, चांदी करीब 64.11 डॉलर प्रति औंस पर बनी हुई थी। प्लेटिनम और पैलेडियम की कीमतों में भी मामूली कमजोरी देखने को मिली।
बॉन्ड यील्ड बढ़ने से सोने को नुकसान
दुनिया भर में सरकारी बॉन्ड की यील्ड में तेजी ने भी सोने पर दबाव बढ़ाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बॉन्ड यील्ड 2008 के बाद के सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है। साथ ही अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ है। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए ब्याज दरों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के माहौल में निवेशकों का रुझान सोने से कुछ कम हो सकता है।
फेड की बैठक से पहले बढ़ी ब्याज दर की उम्मीद
जब शुक्रवार को फेड चेयरमैन केविन वार्श ने महंगाई पर काबू पाने की प्रतिबद्धता दोहराई। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने की शांति के बाद फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू हो गई है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इन परिस्थितियों के बीच 15-16 सितंबर की फेड बैठक में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 70 प्रतिशत तक पहुंच गई है।30 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड फिर चढ़ी
सबसे लंबी अवधि वाले अमेरिकी सरकारी बॉन्ड की यील्ड भी फिर उस स्तर के करीब पहुंच गई है, जहां वह पिछले महीने ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट के कदम से पहले थी। बढ़ती यील्ड पर लगाम लगाने के लिए उन्होंने बायबैक कार्यक्रम का विस्तार किया था। शुरुआत में इस कदम का बाजार पर असर पड़ा, लेकिन कुछ समय बाद बॉन्ड में दोबारा बिकवाली शुरू हो गई।
यह भी पढ़ेंसोने-चांदी के भाव में गिरावट, सोना ₹972 और चांदी ₹3,414 हुई सस्ती, जानें आज की ताजा अपडेट30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.28% के पार
मंगलवार तक 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी की यील्ड 5.28 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई। यह लगभग उसी स्तर पर है, जहां 19 अगस्त को बेसेंट की घोषणा से पहले यह मौजूद थी। यील्ड में यह दोबारा आई तेजी अमेरिकी सरकार के बढ़ते कर्ज और महंगाई को लेकर बाजार की चिंता को दर्शाती है।
ईरान पर अमेरिका के नए हमले से बढ़ा तनाव
अमेरिका ने मंगलवार को ईरान में कई ठिकानों पर हमलों की नई कार्रवाई की। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई का दावा किया। दोनों देशों के बीच कई हफ्तों की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक बार फिर सैन्य तनाव तेज हो गया है।वैश्विक बॉन्ड बाजार पर भी दबाव
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का असर दूसरे देशों के लंबे समय वाले सरकारी बॉन्ड पर भी दिखाई दे रहा है। निवेशकों के बीच बढ़ते सरकारी कर्ज और महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऐसे माहौल में बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न आकर्षक होने के कारण सोने जैसे बिना ब्याज वाले निवेश पर दबाव बढ़ सकता है।
तेल महंगा हुआ तो सोने पर और दबाव संभव
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लंबा खिंचने की स्थिति में ऊर्जा की कीमतों में और तेजी आने का खतरा है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को ऊंचा रखने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। इसका असर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
