Sakti News: चिस्दा स्थित कन्या आश्रम में रहने वाली बच्चियों का एक वीडियो सामने आने के बाद आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में कुछ बच्चियां बाल्टियां लेकर दूर से पानी लाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर मामले को लेकर नाराजगी जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आश्रम परिसर में पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चियों को रोजाना दूसरे जलस्रोतों से पानी लाने के लिए जाना पड़ता है। वीडियो में बच्चियों को हाथों में बाल्टियां लिए पानी लाते देखा जा सकता है।
लंबे समय से पानी की समस्या का दावा
स्थानीय लोगों के मुताबिक चिस्दा कन्या आश्रम में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। परिसर में नल-जल की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण बच्चियों को हैंडपंप या दूसरे जलस्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि बच्चियों से पानी लाने का काम करवाया जाता है। उनका कहना है कि आश्रम में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
बच्चियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता
आश्रम में रहने वाली बच्चियों में बड़ी संख्या आदिवासी समुदाय से होने की बात सामने आई है। उनके रहने, भोजन और शिक्षा के लिए शासन की ओर से व्यवस्था की जाती है। ऐसे में आश्रम में पानी जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव कई सवाल खड़े करता है। बच्चियों द्वारा लगातार भारी बाल्टियां उठाकर पानी लाने से उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटी उम्र की बच्चियों से इस तरह का काम करवाने के बजाय आश्रम परिसर में पर्याप्त जल व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।निरीक्षण व्यवस्था पर भी उठे सवाल
मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आश्रम का नियमित निरीक्षण किया जाता है तो पानी जैसी बुनियादी समस्या लंबे समय तक बनी नहीं रहनी चाहिए थी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में
बच्चियों के पानी ढोने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की बात सामने आई है। अधिकारियों की ओर से मामले की जांच कराने और आश्रम में पानी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही जा रही है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आश्रम की जल समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।

