सोने और चांदी की कीमतों में आज एक बार फिर तेजी देखने को मिली। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 2,735 रुपए बढ़कर करीब 1.48 लाख रुपए पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत में भी बढ़त दर्ज की गई है।
एक किलो चांदी का भाव 931 रुपए बढ़कर 2.25 लाख रुपए प्रति किलो हो गया है। अगस्त महीने में अब तक सिर्फ 6 दिनों के अंदर सोना 5,501 रुपए और चांदी 7,198 रुपए महंगी हो चुकी है।
गिरावट के बाद निवेशकों की नजर सोने पर
सोने और चांदी की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं। 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का ऑलटाइम हाई बनाया था। इसके बाद कीमतों में गिरावट आई, जिसके चलते निवेशक मौजूदा स्तर को खरीदारी के लिए बेहतर मौका मान रहे हैं।
डॉलर कमजोर होने से बढ़ी सोने-चांदी की मांग
विशेषज्ञों के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर में कमजोरी को माना जा रहा है। डॉलर कमजोर होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में कीमत वाले सोने और चांदी अन्य देशों के खरीदारों के लिए सस्ते हो जाते हैं। इससे इनकी मांग बढ़ती है और कीमतों को सहारा मिलता है।
2026 में सोना हुआ 15 हजार रुपये महंगा
इस साल सोने की कीमतों में अब तक अच्छी तेजी देखने को मिली है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1.33 लाख रुपए था, जो अब बढ़कर 1.48 लाख रुपए तक पहुंच गया है। यानी साल 2026 में अब तक सोना करीब 15 हजार रुपए महंगा हो चुका है। वहीं, चांदी की कीमत में इस दौरान करीब 5 हजार रुपए की गिरावट आई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, जो अब 2.25 लाख रुपये के स्तर पर है।
साल के अंत तक सोना ₹1.60 लाख संभव
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतें अपने ऊंचे स्तर से नीचे आ चुकी हैं, इसलिए निवेशकों की खरीदारी बढ़ी है। हालांकि, उन्होंने एक साथ बड़ी रकम लगाने से बचने की सलाह दी है। उनका अनुमान है कि साल के अंत तक सोने की कीमत 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 2.80 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है।
ETF खरीदने के लिए डीमैट अकाउंट जरूरी
गोल्ड या सिल्वर ETF में निवेश करने के लिए निवेशक को ब्रोकर के माध्यम से डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होता है। इसके बाद NSE पर उपलब्ध ETF यूनिट खरीदी जा सकती हैं। ऑर्डर पूरा होने के बाद ETF यूनिट निवेशक के डीमैट अकाउंट में जमा हो जाती हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें शेयरों की तरह ही बेचकर मौजूदा बाजार भाव के हिसाब से पैसा प्राप्त किया जा सकता है।