केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी (LIC) में अपनी 6.5 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए ऑफर फॉर सेल खुल गया है। वहीं, रिटेल निवेशक 5 अगस्त से इसमें भाग ले सकते है सरकार ने इस बिक्री के लिए फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो LIC के पिछले बंद भाव से करीब 11 फीसदी कम है।
हिस्सेदारी बिक्री की खबर से LIC शेयर फिसला
सरकार के इस फैसले का असर LIC के शेयरों पर भी देखने को मिला।आज कंपनी का शेयर करीब 9 फीसदी तक गिर गया। बीएसई पर LIC का शेयर 390.70 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में LIC का शेयर 424.35 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि आज को यह 393.10 रुपये के स्तर पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें लगातार दबाव देखने को मिला।
31 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयरों की बिक्री
सरकार ने LIC में बेस ऑफर के तहत 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है। इसके अलावा ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 4 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया के तहत करीब 82 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। तय फ्लोर प्राइस के आधार पर इन शेयरों की कुल कीमत लगभग 31,410 करोड़ रुपये बैठती है।LIC में सरकार की 96.5 फीसदी हिस्सेदारी
वर्तमान LIC में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी करीब 96.5 फीसदी है। सरकार यह कदम सेबी के न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने के उद्देश्य से उठा रही है।
नियमों के अनुसार कंपनियों में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाना जरूरी है, इसलिए सरकार चरणबद्ध तरीके से LIC में अपनी हिस्सेदारी कम कर रही है। LIC शेयर का प्रदर्शन कैसा रहा LIC के शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 468.30 रुपये और न्यूनतम स्तर 361 रुपये रहा है।
देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी है LIC
LIC भारतीय वित्तीय क्षेत्र की सबसे अहम कंपनियों में शामिल है। यह देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी होने के साथ-साथ मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर भारत की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी कंपनी है। कंपनी के लाखों रिटेल शेयरधारक हैं। 20.92 लाख से ज्यादा छोटे निवेशकों के पास LIC में करीब 1.55 फीसदी हिस्सेदारी है। LIC को भारत के प्रमुख ब्रांडों में भी शामिल किया जाता है और यह वैश्विक स्तर पर मजबूत बीमा कंपनियों में अपनी पहचान रखती है।