ग्राम सभा में बवाल : आवास सूची से नहीं होने पर मां-बेटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़का कर किया आत्मदाह का प्रयास
जिले के सुकुलदैहान पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत ढीलापहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चयन को लेकर ग्राम सभा के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। महिला और उसकी बेटी का आरोप है कि उनके पास जनपद पंचायत से आवेदन की पावती मौजूद है। उनका कहना है कि जनपद स्तर पर तैयार की गई स्वीकृत सूची में उनका नाम शामिल था।
कीर्तिमान डेस्क
26 Jun 2026, 09:49 AM
राजनांदगांव
जिले के सुकुलदैहान पुलिस चौकी क्षेत्र के ग्राम पंचायत ढीलापहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही चयन को लेकर ग्राम सभा के दौरान बड़ा विवाद खड़ा हो गया। आवास सूची में नाम नहीं होने से नाराज एक महिला और उसकी बेटी ने पंचायत भवन के भीतर खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों और पुलिस की तत्परता से दोनों को सुरक्षित बचा लिया गया और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम सभा में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए स्वीकृत हितग्राहियों की सूची पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान एक महिला ने सूची में अपना नाम नहीं होने पर आपत्ति दर्ज कराई। महिला और उसकी बेटी का कहना है कि उन्होंने कई वर्ष पहले आवास के लिए आवेदन किया था और उनके पास जनपद पंचायत की पावती भी मौजूद है। उनका आरोप है कि जनपद स्तर पर स्वीकृत सूची में उनका नाम शामिल था, लेकिन पंचायत स्तर पर उसे हटा दिया गया।
आत्मदाह के प्रयास कर रहे मां-बेटे को समझाते लोगोविवाद के बाद महिला ने उठाया आत्महत्या जैसा कदम
इस मुद्दे को लेकर ग्राम सभा में सरपंच, सचिव और संबंधित परिवार के बीच काफी देर तक बहस होती रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाद बढ़ने के बाद महिला और उसकी बेटी ने पंचायत भवन में ही अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया। यह दृश्य देखते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सुकुलदैहान चौकी से एएसआई चंपेश ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देर किए दोनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत सामान्य बताई गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों महिलाओं के बयान भी दर्ज किए।
पुलिस जाँच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि महिलाओं ने आरोप लगाया है कि स्वीकृत सूची में नाम होने के बावजूद उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं दिया गया। वहीं प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि संबंधित महिला के गांव में दो मकान होने की बात सामने आई है। हालांकि इन मकानों की वास्तविक स्थिति, स्वामित्व और योजना की पात्रता से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है। पुलिस और प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हितग्राही चयन प्रक्रिया में कहीं कोई त्रुटि, लापरवाही या हेरफेर तो नहीं हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।