आईपीएल 2026 का महामुकाबला (Grand Finale) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (RCB) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला गया। यह फाइनल मुकाबला न सिर्फ बल्ले और गेंद की जंग के लिए, बल्कि मैदान पर हुए एक हाई-वोल्टेज ड्रामे के लिए लंबे समय तक याद रखा जाएगा। गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के एक विवादित कैच ने मैदान का तापमान अचानक बढ़ा दिया, जिसके बाद आरसीबी के खेमे में भारी नाराजगी देखी गई।
10वें ओवर का हाई-वोल्टेज ड्रामा
यह पूरा वाक्या गुजरात टाइटंस की पारी के 10वें ओवर में घटा। आरसीबी की ओर से तेज गेंदबाज जैकब डफी गेंदबाजी के मोर्चे पर थे और स्ट्राइक पर थे खतरनाक ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर।
गेंद का जाल: डफी ने ओवर की आखिरी गेंद लेग स्टंप पर थोड़ी शॉर्ट पिच फेंकी, जिस पर सुंदर ने पुल शॉट खेलने का प्रयास किया।
खराब टाइमिंग: सुंदर गेंद की गति और उछाल को भांप नहीं पाए और टाइमिंग पूरी तरह चूक गए।
कैच और जश्न: गेंद हवा में तैरती हुई फाइन लेग की तरफ गई, जहाँ मुस्तैद फील्डर जॉर्डन कॉक्स ने आगे की ओर डाइव लगाते हुए एक शानदार कैच लपकने का दावा किया।
मैदान पर मौजूद आरसीबी के खिलाड़ी विकेट के जश्न में डूब गए। खुद वाशिंगटन सुंदर को भी लगा कि वह आउट हैं, और उन्होंने सिर झुकाकर डगआउट की तरफ कदम बढ़ा दिए थे।
थर्ड अंपायर का फैसला और मैदान पर बढ़ा तनाव
जब मामला मैदानी अंपायरों ने पुष्टि के लिए थर्ड अंपायर के पास भेजा, तो असली सस्पेंस शुरू हुआ। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों और टीवी पर देख रहे करोड़ों फैंस की निगाहें बिग स्क्रीन पर टिक गईं।
रिप्ले में क्या दिखा? जब स्लो-मोशन में रिप्ले को बार-बार देखा गया, तो फ्रेम-बाय-फ्रेम विजुअल्स में सामने आया कि जॉर्डन कॉक्स का गेंद पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं बन पाया था। गेंद उनकी उंगलियों के बीच फंसी जरूर थी, लेकिन मैदान की घास (जमीन) को साफ छू रही थी।
नियमों के मुताबिक, गेंद जमीन पर टच हो चुकी थी, इसलिए थर्ड अंपायर ने बिना किसी देरी के वाशिंगटन सुंदर को 'नॉटआउट' करार दिया। इसके साथ ही सुंदर को एक बड़ा जीवनदान मिल गया।
अंपायर से भिड़े आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार
थर्ड अंपायर का 'नॉटआउट' का सिग्नल स्क्रीन पर फ्लैश होते ही आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार का गुस्सा फूट पड़ा। रियल टाइम (बिना स्लो-मोशन) में यह कैच इतना क्लीन लग रहा था कि आरसीबी के खिलाड़ियों को यकीन ही नहीं हो रहा था कि सुंदर बच गए हैं।
कप्तान रजत पाटीदार तुरंत मैदानी अंपायर के पास पहुंचे और इस फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। पाटीदार और अंपायर के बीच मैदान के बीचों-बीच तीखी बहस देखने को मिली। पाटीदार अंपायर को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि कैच पूरी तरह वैध था, लेकिन अंपायर ने थर्ड अंपायर के फैसले को अंतिम बताते हुए पाटीदार को शांत कराया।
ताज़ा अपडेट: मैच की स्थिति और सोशल मीडिया पर जंग
मैच का टर्निंग पॉइंट? वाशिंगटन सुंदर को मिला यह जीवनदान मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है, क्योंकि फाइनल जैसे बड़े दबाव वाले मैच में सेट बल्लेबाज का विकेट गंवाना गुजरात के लिए बड़ा झटका होता।
सोशल मीडिया पर छिड़ा युद्ध: इस फैसले के बाद ट्विटर (X) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 'RCB vs GT' ट्रेंड करने लगा है। फैंस दो गुटों में बंट गए हैं। आरसीबी के फैंस इसे 'अंपायरिंग का खराब स्तर' बता रहे हैं, वहीं गुजरात के फैंस तकनीक और थर्ड अंपायर के फैसले को बिल्कुल सही ठहरा रहे हैं।
क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस ड्रामाटिक ओवर के बाद मैदान पर स्लेजिंग और खिलाड़ियों के बीच की राइवलरी और ज्यादा आक्रामक हो गई है, जिसने इस फाइनल मुकाबले को और भी ज्यादा रोमांचक बना दिया है।
