इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई टी20 सीरीज में भारतीय टीम को 0-4 की करारी हार का सामना करना पड़ा। इस हार के बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी, तकनीक और विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय बल्लेबाज अक्सर आईपीएल जैसी बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों पर शानदार प्रदर्शन करते नजर आते हैं, लेकिन जब उन्हें विदेशों में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तो उनकी परेशानियां बढ़ जाती हैं।
इसी मुद्दे को लेकर पूर्व भारतीय टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को अहम सुझाव दिया है। चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों को विदेशी दौरों पर बेहतर प्रदर्शन के लिए घरेलू क्रिकेट में ही कठिन परिस्थितियों का सामना करना जरूरी है। उन्होंने भारत में ज्यादा से ज्यादा ऐसी पिचें तैयार करने की बात कही है, जहां गेंदबाजों को भी मदद मिल सके।
आईपीएल की सपाट पिचों पर चिंता

उन्होंने कहा कि टी20 क्रिकेट का रोमांच तभी कायम रहेगा, जब बल्लेबाज और गेंदबाज दोनों के पास मुकाबले में बराबरी का मौका हो। उन्होंने हाई स्कोरिंग मुकाबलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर हर मैच में 250-260 रन आसानी से बनने लगेंगे, तो खेल का संतुलन बिगड़ सकता है। छोटी बाउंड्री और पूरी तरह सपाट पिचें गेंदबाजों के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
टी20 में गेंदबाजों के कम मौके
चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि टी20 फॉर्मेट में वैसे भी गेंदबाजों के पास गलती करने की गुंजाइश बहुत कम होती है। बल्लेबाज शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में खेलने की कोशिश करते हैं, ऐसे में अगर पिच भी पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में हो जाए तो मुकाबला एकतरफा हो सकता है।
उनका मानना है कि पिचों में थोड़ा संतुलन होना जरूरी है, ताकि गेंदबाज अपनी रणनीति और कौशल के दम पर मुकाबले में वापसी कर सकें। पुजारा ने हालिया इंग्लैंड दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय बल्लेबाजों में फुटवर्क और टाइमिंग की कमी साफ दिखाई दी।
विदेशी दौरों के लिए तकनीक में सुधार जरूरी
तेज और स्विंग लेती गेंदों के सामने बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय टीम को भविष्य में आईसीसी टूर्नामेंट और विदेशी सीरीज में सफलता हासिल करनी है, तो खिलाड़ियों को मुश्किल परिस्थितियों में खेलने की आदत डालनी होगी। इसके लिए घरेलू क्रिकेट की पिचों में बदलाव एक अहम कदम साबित हो सकता है। चेतेश्वर पुजारा की इस सलाह के बाद भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर पिचों की गुणवत्ता और संतुलन को लेकर बहस शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि बीसीसीआई घरेलू क्रिकेट और आईपीएल की पिचों को लेकर भविष्य में क्या कदम उठाता है।