Friday, 06 Nov 2026 भारत
ब्रेकिंग
CG News: धनतेरस पर हाईटेंशन तार की चपेट में आया परिवार, पिता-पुत्र की मौत, मां गंभीर Crime News: जगदलपुर में युवती की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, मोबाइल चैट गायब होने से उठे नए सवाल Illegal Gambling: बस्तर के जंगल में पुलिस की रेड, मुर्गा लड़ाई की आड़ में जुआ खेल रहे 156 लोग पकड़े गए Patna Encounter: गंगा किनारे पुलिस-अपराधियों के बीच 40 राउंड फायरिंग, 3 बदमाश ढेर, एसएचओ घायल Raigarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, विजय ट्रेडर्स से 4 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए Raigarh News: पतरापाली में सड़क किनारे पटाखे बेच रहे दुकानदार पर कार्रवाई, स्टॉक जब्त CG News: धनतेरस पर हाईटेंशन तार की चपेट में आया परिवार, पिता-पुत्र की मौत, मां गंभीर Crime News: जगदलपुर में युवती की मौत पर बढ़ा सस्पेंस, मोबाइल चैट गायब होने से उठे नए सवाल Illegal Gambling: बस्तर के जंगल में पुलिस की रेड, मुर्गा लड़ाई की आड़ में जुआ खेल रहे 156 लोग पकड़े गए Patna Encounter: गंगा किनारे पुलिस-अपराधियों के बीच 40 राउंड फायरिंग, 3 बदमाश ढेर, एसएचओ घायल Raigarh News: दीपावली से पहले खाद्य विभाग की कार्रवाई, विजय ट्रेडर्स से 4 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए Raigarh News: पतरापाली में सड़क किनारे पटाखे बेच रहे दुकानदार पर कार्रवाई, स्टॉक जब्त
W 𝕏 f
होम › राष्ट्रीय › सिर पर चोट, हाथों में पट्टियां... फिर भी जंतर-मंत…
जंतर-मंतर पर घायल प्रदर्शनकारी आंदोलन करते हुए
जंतर-मंतर पर घायल प्रदर्शनकारी आंदोलन करते हुए
राष्ट्रीय Featured

सिर पर चोट, हाथों में पट्टियां... फिर भी जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी, अपनों से छिपाई ज़ख्मों की बात

20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद भी प्रदर्शनकारियों का आंदोलन जारी है। अस्पताल से इलाज कराकर छात्र और युवा दोबारा जंतर-मंतर पहुंच रहे हैं। कई घायल प्रदर्शनकारियों ने अपने परिवार को चोटों की जानकारी तक नहीं दी है, जबकि वॉलंटियर्स घायलों की देखभाल और जरूरी मदद में जुटे हैं।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 23 Jul 2026, 09:21 AM · अपडेट: 27 Oct 2026, 07:11 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई के जख्म अभी भरे नहीं हैं, लेकिन प्रदर्शनकारियों के इरादे बुलंद हैं। अस्पतालों से इलाज कराकर छात्र और आंदोलनकारी एक बार फिर जंतर-मंतर पर जुटने लगे हैं। किसी के सिर पर पट्टी बंधी है तो कोई प्लास्टर चढ़ाए ज़मीन पर बैठा है। दर्द साफ झलक रहा है, लेकिन जंतर-मंतर का माहौल बता रहा है कि यह आंदोलन फिलहाल थमने वाला नहीं है। प्रदर्शन स्थल पर ही सेवादार (वॉलंटियर्स) मोर्चा संभाले हुए हैं। वे घायलों की मरहम-पट्टी करने से लेकर दवाइयां और टिटनेस के इंजेक्शन लगाने में दिन-रात जुटे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में शामिल युवाओं की अपनी-अपनी कहानियां हैं। 

जख्मों की जानकारी परिवार को नहीं 

कई प्रदर्शनकारी ऐसे हैं जिन्होंने अपने ज़ख्मों की खबर तक अपने परिवार को नहीं दी है। डर यह है कि दूर बैठे मां-बाप फिक्र के मारे परेशान हो जाएंगे। कई युवाओं के मोबाइल फोन या तो भीड़ में खो गए या फिर पुलिस के पास हैं। इस वजह से वे अपनों को फोन करके यह भी नहीं बता पा रहे कि वे किस हाल में हैं। इसके बावजूद उनके चेहरे पर अपने हक की लड़ाई में पीछे हटने का कोई मलाल नज़र नहीं आता।

जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारी
मां की वीडियो कॉल आई, पर हिम्मत नहीं हुई..."

  • आहेली भट्टाचार्जी (20 वर्ष), आसनसोल: पश्चिम बंगाल से आईं आहेली के हाथ और पैर में गहरी चोटें हैं। भगदड़ और लाठीचार्ज के बीच उनका चश्मा कहीं गिरकर टूट गया। आहेली बताती हैं, "मां बार-बार वीडियो कॉल कर रही हैं, लेकिन मैं हिम्मत नहीं जुटा पा रही कि फोन उठाकर यह चेहरा दिखाऊं। उन्हें नहीं पता कि मैं यहां किस हाल में हूं।"

  • मोहम्मद नावेद (21 वर्ष), पूर्वी दिल्ली: दिहाड़ी मजदूरी करने वाले नावेद की पीठ सूजी हुई है और पैर में भारी प्लास्टर चढ़ा है। नावेद का कहना है, "लाठीचार्ज के दौरान मैं एक लड़की को बचाने की कोशिश कर रहा था, तभी एक लाठी सीधे मेरे सिर पर आ लगी। मेरा फोन भी गुम हो गया है। फोन खोने का मलाल नहीं है, बस चाहता हूं कि किसी तरह मां से बात हो जाए और वे मेरी आवाज़ सुन लें।"

डॉक्टर ने कहा था आराम करो, पर पहुँच गए जंतर-मंतर

अस्पताल में भर्ती कई घायल डॉक्टरों की सलाह को दरकिनार कर वापस आंदोलन में शामिल हो गए हैं।

  • लव कुश प्रजापति (26 वर्ष): लव कुश का आरोप है कि उन्हें एक ही दिन में दो बार पुलिस की लाठियों का सामना करना पड़ा। देर रात अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही वे सीधे जंतर-मंतर पहुँच गए।

  • अनिकेत पाटिल (26 वर्ष), लातूर: महाराष्ट्र से आए अनिकेत को डॉक्टर ने बेड-रेस्ट की सलाह दी थी। लेकिन वे कहते हैं कि इस वक्त घर बैठने का मतलब साथियों का साथ छोड़ना होगा।

प्रदर्शनकारियों का ब्योरा जुटा रही पुलिस 

जंतर-मंतर पर 'सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस' (CJP) के वॉलंटियर्स लगातार सक्रिय हैं। वे ऐसे प्रदर्शनकारियों का ब्योरा जुटा रहे हैं जिनके मोबाइल, बैग, पर्स या जरूरी दस्तावेज़ पुलिस कार्रवाई के दौरान गायब या ज़ब्त हो गए हैं।
चोट, दर्द और कीमती सामान के नुकसान के बावजूद जंतर-मंतर पर डटे इन युवाओं का एक ही कहना है—"शरीर घायल हुआ है, हौसला नहीं।"
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें