विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) के तहत महासमुंद में हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण की रोकथाम को लेकर विशेष शिविर आयोजित किया गया। भारत चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में 28 और 29 जुलाई को स्क्रीनिंग एवं हेपेटाइटिस बी टीकाकरण अभियान चलाया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर
इस वर्ष विश्व हेपेटाइटिस दिवस की थीम “Let's Break It Down – लोगों और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं के बीच मौजूद बाधाओं को दूर करें” रखी गई है। इसी उद्देश्य के तहत लोगों को संक्रमण से बचाव, समय पर जांच और टीकाकरण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
एमबीबीएस छात्रों और स्वास्थ्य कर्मियों की हुई जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देश पर आयोजित इस शिविर में भारत चिकित्सा महाविद्यालय के अंतिम वर्ष के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं, इंटर्न, सीनियर एवं जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों सहित अधिकारी-कर्मचारियों को जांच और टीकाकरण की सुविधा दी गई।
54 लोगों की हुई हेपेटाइटिस स्क्रीनिंग
शिविर के दौरान कुल 54 लोगों की हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमण की जांच की गई। जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद सभी पात्र प्रतिभागियों को हेपेटाइटिस बी का टीका लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए समय पर जांच और टीकाकरण बेहद जरूरी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों की देखरेख में शिविर संपन्न
कार्यक्रम का संचालन जिला नोडल अधिकारी (एनवीएचसीपी) डॉ. छत्रपाल चंद्राकर और जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती नीलू घृतलहरे के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं भारत चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय में संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. बसंत महेश्वरी के मार्गदर्शन में शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।