छत्तीसगढ़ के बसंतपुर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल से एक गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय की एक महिला सहकर्मी ने स्कूल के प्राचार्य पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए लगातार दबाव डालने, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और कार्यस्थल का माहौल असहज बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि लंबे समय से उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद उन्होंने न्याय की उम्मीद में संबंधित अधिकारियों से शिकायत की।
शिकायत के बाद भी नहीं मिली राहत
महिला के अनुसार, उन्होंने सबसे पहले इस पूरे मामले की जानकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को लिखित रूप से दी थी। उनका आरोप है कि शिकायत पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय विभागीय स्तर पर मामले को दबाने और समझौते के लिए उन पर दबाव बनाया गया। महिला का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने के बजाय शिकायत वापस लेने के लिए मानसिक रूप से परेशान किया गया।
कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस का दरवाजा खटखटाया
जब विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तब महिला ने बसंतपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की हर पहलू से जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों तथा तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। यदि महिला के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है, बल्कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।प्राचार्य पर पहले भी दर्ज हो चुकी है एफआईआर
जानकारी के अनुसार, संबंधित प्राचार्य के खिलाफ पहले भी मारपीट के एक मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, वर्तमान मामले में पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। फिलहाल पुलिस साक्ष्य जुटाने और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शिकायत की सत्यता की पुष्टि की प्रक्रिया जारी है, इसलिए किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार किया जाएगा।