खौफ का खेल : 17 साल की छात्रा को ब्लैकमेल कर ठगे ₹14.5 लाख और आधा किलो सोना, 4 गिरफ्तार
बिलासपुर के सरकंडा इलाके में नाबालिग छात्रा को धमकाकर करीब 14.50 लाख रुपये नकद और आधा किलो सोने के जेवर ऐंठने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी आयुष यादव समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 2 आरोपी फरार हैं। आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग के जरिए मिले पैसों से महंगे होटल, पार्टियां और खरीदारी की।
बिलासपुर के पॉश सरकंडा इलाके से अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम जनता, दोनों को सन्न कर दिया है। एक शातिर आदतन अपराधी अपने गुर्गों के साथ मिलकर बीते एक साल से 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था। धमकी और डर के इस खेल में बदमाशों ने छात्रा से करीब 14 लाख 50 हजार रुपये नकद और लगभग आधा किलो सोने के पुश्तैनी जेवर ऐंठ लिए। इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ तब हुआ जब मुख्य आरोपी आयुष यादव (22 वर्ष) शहर के सेलिब्रेशन होटल में लग्जरी रूम बुक करके बेहिसाब पैसे उड़ा रहा था।
एक साल पहल हुई थी घटना की शुरूआत
मुखबिर की सूचना पर जब सरकंडा पुलिस ने होटल में दबिश देकर आयुष को पकड़ा, तो उसके पास से महंगे सोने की चेन और अंगूठियां बरामद हुईं। कड़ी पूछताछ में आरोपी ने जो राज उगला, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। घटना की शुरुआत करीब एक साल पहले हुई थी। पीड़ित छात्रा अपने एक दोस्त के साथ बैंक खाते से पैसे निकालने के लिए पास के एटीएम गई थी। वहां पहले से घात लगाकर बैठा आयुष यादव मौजूद था।
जान से मारने की धमकी दे करता था ब्लैकमेल
आरोपी ने मौका देखकर लड़की को घेर लिया और धमकी दी कि अगर उसने उसे पैसे नहीं दिए, तो वह उसके साथ आए दोस्त को जान से मार देगा। साथी की जान खतरे में देख मासूम छात्रा बुरी तरह डर गई। इसी डर का फायदा उठाकर आयुष और उसके साथी पिछले 12 महीनों से लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर ब्लैकमेल करते रहे।
बैंक बैलेंस हुआ खत्म: छात्रा अपने दादाजी के साथ रहकर पढ़ाई करती है (माता-पिता दूसरे शहर में कार्यरत हैं)। दादाजी के बैंक खाते से पैसे निकालने की जिम्मेदारी उसी की थी। ब्लैकमेलरों की मांग पूरी करते-करते जब बैंक खाता खाली हो गया, तो आरोपियों ने घर में रखे सोने के जेवरात लाने का दबाव बनाया।
सोने के गहने भी ऐंठे: जान से मारने की धमकियों से घबराकर छात्रा ने घर में रखे करीब आधा किलो सोने के जेवर भी धीरे-धीरे आरोपियों के हवाले कर दिए।
मुख्य आरोपी एएसआई का बेटा
मामले की जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी आयुष यादव का पारिवारिक बैकग्राउंड पुलिस महकमे से जुड़ा है। उसके पिता धर्मेंद्र यादव खुद पुलिस विभाग में एएसआई (ASI) पद पर पदस्थ हैं। वहीं, पीड़ित छात्रा के चाचा भी पुलिस में आरक्षक हैं। आयुष का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) के 2 मामलों सहित कुल 6 गंभीर अपराध दर्ज हैं। नाबालिग से ऐंठे पैसों से आरोपियों ने अय्याशी की, महंगे होटलों में रुककर पार्टियां कीं और नई एक्टिवा गाड़ी खरीदी।
4 आरोपी गिरफ्तार, 2 अब भी फरार
आयुष यादव (22 वर्ष) - निवासी मोपका, विवेकानंद नगर (मुख्य आरोपी)
आदर्श शर्मा (19 वर्ष) - निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई
प्रिंस साहू (18 वर्ष) - निवासी दीनदयाल कॉलोनी, बहतराई
आदित्य पांडेय (19 वर्ष) - निवासी राजकिशोर नगर, बजरंग चौक
बचे हुए गहने और नकद फरार आरोपियों के पास
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा गाड़ी और कुछ सोने के गहने जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया है कि ऐंठा गया कुछ सोना और नकद राशि उनके साथी प्रियम शर्मा और शौर्य करोलिया के पास है, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही बाकी का सोना कहां खपाया गया, इसका पूरा हिसाब सामने आ पाएगा।