इंदौर में हुए एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड ने एक बार फिर कुख्यात ‘सोनम-राजा’ कांड की खौफनाक यादें ताजा कर दी हैं। जिस पति के साथ महिला ने जीने-मरने की कसमें खाई थीं, उसी का खून बहाकर उसने प्रेमी के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगा दिया। इतना ही नहीं, पुलिस और दुनिया की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसने खुद थाने जाकर पति की गुमशुदगी की झूठी कहानी भी गढ़ दी। हालांकि, कानून के लंबे हाथों से आरोपियों की यह चालाकी ज्यादा दिन छिप न सकी। तीन साल तक चले कड़े ट्रायल के बाद अदालत ने अब इस खौफनाक वारदात के तीनों गुनहगारों को उम्रकैद की सजा सुनाकर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है। पूरा मामला इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र का है।
काम की तलाश में निकला युवक फिर नहीं लौटा
अप्रैल 2023 में रुखसाना नाम की महिला चंदन नगर पुलिस स्टेशन पहुंची। उसने रोते-बिलखते हुए पुलिस को बताया कि उसका पति जावेद मंसूरी घर से काम की तलाश में निकला था और उसने कहा था कि वह लौटते समय सब्जी भी ले आएगा। लेकिन उसके बाद से ही जावेद का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है और वह वापस नहीं आया। शुरुआत में पुलिस इसे एक सामान्य गुमशुदगी का मामला मानकर जांच कर रही थी, लेकिन जैसे-जैसे पड़ताल आगे बढ़ी, कहानी में खौफनाक मोड़ आने लगे।
बातचीत से चौंकाने वाला खुलासा
जांच के दौरान जब पुलिस ने मृतक जावेद के परिजनों से बातचीत की, तो उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा किया। परिजनों ने पुलिस को बताया कि रुखसाना का सद्दाम हुसैन नाम के युवक के साथ अफेयर चल रहा है। उन्हें अंदेशा था कि जावेद के अचानक गायब होने के पीछे इन दोनों का ही हाथ है।
परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया:
कॉल डिटेल खंगाली गई: पुलिस ने रुखसाना, उसके प्रेमी सद्दाम और सद्दाम के साथी शाकिर के फोन कॉल्स की बारीकी से जांच की।
कड़ाई से पूछताछ: जब पुलिस ने तीनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की, तो उनके बयानों में अंतर आने लगा। सख्त पूछताछ के आगे तीनों ज्यादा देर टिक नहीं पाए और उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
गुमशुदगी का रचा नाटक
पूछताछ में सामने आया कि 21 अप्रैल 2023 की रात रुखसाना ने सद्दाम और शाकिर के साथ मिलकर जावेद की बर्बरता से हत्या कर दी थी। इसके बाद वारदात को छिपाने के लिए तीनों ने मिलकर शव को ग्रीन पार्क कॉलोनी के एक खाली मैदान में छिपा दिया था। खुद को बचाने के लिए रुखसाना ने बड़े ही शातिराना अंदाज में गुमशुदगी का नाटक रचा था, ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो। मामला कोर्ट में पहुंचा और करीब तीन साल तक चले इस केस के ट्रायल में अभियोजन पक्ष ने मजबूत सबूत और गवाह पेश किए। अदालत ने तमाम साक्ष्यों के आधार पर रुखसाना, प्रेमी सद्दाम और उसके मददगार शाकिर को हत्या और षड्यंत्र रचने का दोषी पाया और तीनों को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की कठोर सजा सुनाई।