Asian Champions Trophy: डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने फाइनल में जगह बना ली है, बुधवार को मोहाली में खेले गए सेमीफाइनल में टीम ने साउथ कोरिया को 8-1 से हराया। भारत की ओर से शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह ने 2-2 गोल किए। कप्तान हरमनप्रीत सिंह, सुखजीत सिंह, अंगद बीर सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने एक-एक गोल किया।
भारत अब 6 नवंबर को फाइनल में जापान से खेलेगा। जापान ने पहले सेमीफाइनल में मलेशिया को पेनल्टी शूटआउट में हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई। कोरिया और मलेशिया ब्रॉन्ज मेडल के लिए भिड़ेंगे।
पहले क्वार्टर में ही भारत ने दिखाए तेवर
मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक रुख अपनाया। चौथे मिनट में दिलप्रीत सिंह ने बाईं ओर से शानदार मूव बनाते हुए गेंद शिलानंद लाकड़ा तक पहुंचाई। शिलानंद ने मौके का फायदा उठाया और गेंद को गोलपोस्ट में डालकर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। हालांकि, नौवें मिनट में हान सांगजुन ने गोल कर कोरिया को बराबरी पर ला दिया। लेकिन भारतीय टीम ने ज्यादा देर तक उसे राहत नहीं लेने दी। अगले ही मिनट मिले पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अपनी दमदार ड्रैग-फ्लिक से गोल कर दिया। 13वें मिनट में हरमनप्रीत की एक और कोशिश को कोरियाई गोलकीपर ने रोक तो लिया, लेकिन गेंद गोल के सामने ही रह गई। शिलानंद लाकड़ा ने रिबाउंड पर शानदार फिनिश करते हुए अपना दूसरा गोल दाग दिया। पहले क्वार्टर की समाप्ति पर भारत 3-1 से आगे था।
दूसरे क्वार्टर में चार गोल, कोरिया की उम्मीदें कमजोर
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मुकाबले पर पूरी तरह अपनी पकड़ बना ली। 19वें मिनट में संजय के पास पर सुखजीत सिंह ने बेहतरीन शॉट लगाकर स्कोर 4-1 कर दिया। इसके ठीक अगले मिनट कोरिया की ओर से हुई पासिंग में चूक का दिलप्रीत सिंह ने फायदा उठाया। उन्होंने अंगद बीर सिंह के साथ तेजी से गेंद को आगे बढ़ाया और शानदार गोल कर भारत की बढ़त 5-1 कर दी। 25वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने लंबा पास खेलकर दिलप्रीत को गोल करने का मौका दिया। दिलप्रीत ने बिना देर किए तंग कोण से शॉट लगाया और गेंद सीधे गोलपोस्ट में पहुंच गई। इस गोल के साथ भारत 6-1 की मजबूत स्थिति में पहुंच गया।अंगद और विवेक ने भी गोल कर जीत को बनाया यादगार
तीसरे क्वार्टर के छठे मिनट यानी मैच के 36वें मिनट में जरमनप्रीत सिंह ने दाएं तरफ से पास दिया। अंगद बीर सिंह ने स्टिक लगाकर गेंद की दिशा बदली और उसे गोलपोस्ट में पहुंचा दिया। हॉकी में इसे डिफ्लेक्शन कहते हैं। इससे गोलकीपर को गेंद की दिशा समझने और उसे रोकने का समय बहुत कम मिलता है। 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने गेंद को संभाला और रिवर्स-हिट से शॉट लगाया। रिवर्स-हिट में खिलाड़ी स्टिक के उलटे हिस्से से गेंद को मारता है। गेंद गोलकीपर के पैड से लगकर गोल में चली गई। भारत ने 8-1 से जीत दर्ज की।
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— Hockey India (@TheHockeyIndia) November 4, 2026
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— Hockey India (@TheHockeyIndia) November 4, 2026लीग स्टेज में भी अजेय रहा भारत
सेमीफाइनल में पहुंचने से पहले भारतीय टीम का लीग स्टेज में भी प्रदर्शन शानदार रहा था। टीम ने अपने पांचों मुकाबले जीतकर 15 अंकों के साथ अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। लीग चरण के दौरान भारत ने कुल 34 गोल किए, जबकि विरोधी टीमें उसके खिलाफ केवल पांच गोल ही कर सकीं। खास बात यह रही कि लीग स्टेज के आखिरी मुकाबले में भी भारत ने साउथ कोरिया को 8-0 से हराया था। इस तरह टूर्नामेंट में कोरिया के खिलाफ भारत की यह लगातार दूसरी बड़ी जीत रही। गोल करने के मामले में कप्तान हरमनप्रीत सिंह टीम के सबसे आगे हैं। सेमीफाइनल से पहले उनके खाते में नौ गोल थे, जो अब बढ़कर 10 हो गए हैं। वहीं दिलप्रीत सिंह के गोल की संख्या भी चार से बढ़कर छह पहुंच गई है। सुखजीत सिंह के नाम चार और जुगराज सिंह के खाते में तीन गोल दर्ज हैं।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत का दबदबा
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत 2011 में हुई थी। इसमें एशिया की छह टीमें हिस्सा लेती हैं। 2026 का आयोजन पंजाब के जालंधर और मोहाली में 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक हो रहा है। लीग स्टेज के मुकाबले जालंधर में हुए, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली में खेले जा रहे हैं। भारत ने अब तक पांच बार यह खिताब जीता है। 2011 में पाकिस्तान को शूटआउट में हराकर पहली बार चैंपियन बना था। 2016 में फाइनल में पाकिस्तान को 3-2 से हराकर दूसरी बार ट्रॉफी जीती।
कोरिया के खिलाफ भारत का रिकॉर्ड बेहतर
साउथ कोरिया के खिलाफ भारतीय हॉकी टीम का रिकॉर्ड भी काफी मजबूत रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 26 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 16 मैच जीते हैं, जबकि सात मुकाबले ड्रॉ रहे और तीन में कोरिया को जीत मिली। मौजूदा टूर्नामेंट में भी भारत ने कोरिया के खिलाफ दोनों मुकाबलों में जीत हासिल की है। अब टीम की नजर जापान को हराकर एक बार फिर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम करने पर होगी।







