PV Sindhu: BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए किया क्वालिफाई, 5 साल बाद टूर्नामेंट में करेंगी वापसी
PV Sindhu: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ने शानदार प्रदर्शन के दम पर BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया है। वे पांच साल बाद इस टूर्नामेंट में वापसी करेंगी। 2026 में जापान ओपन और हाइलो ओपन का खिताब जीतने के साथ फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचना उनकी इस सफलता की बड़ी वजह रहा।
प्रकाशित: 05 Nov 2026, 10:40 AM· 4 मिनट पढ़ने का समय
खेल डेस्क
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PV Sindhu: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की है। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यह टूर्नामेंट 9 से 13 दिसंबर तक चीन के होंगझोउ में आयोजित होगा। सिंधु 2021 के बाद पहली बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी।
इससे पहले 2021 में उन्होंने फाइनल तक का सफर तय किया था और उपविजेता रही थीं। सिंधु ने 2022 में भी वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए जगह बनाई थी, लेकिन बाएं टखने में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण उन्हें टूर्नामेंट से नाम वापस लेना पड़ा था। इसके बाद 2023, 2024 और 2025 में वे इस प्रतियोगिता का हिस्सा नहीं बन सकीं। अब पांच साल बाद उनकी वापसी भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के लिए बड़ी खबर है।
विमेंस सिंगल्स में 8 खिलाड़ियों के बीच होगा मुकाबला
BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के विमेंस सिंगल्स वर्ग में दुनिया की शीर्ष 8 खिलाड़ियों को जगह मिलती है। अब तक पीवी सिंधु सहित पांच खिलाड़ियों ने अपना स्थान पक्का कर लिया है। इनमें दक्षिण कोरिया की एन से-युंग, जापान की अकाने यामागुची और चीन की वांग झी यी व चेन यू फेई शामिल हैं। शेष तीन स्थानों के लिए छह खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा जारी है।
साल 2026 सिंधु के लिए काफी अच्छा रहा है। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीतकर अपनी शानदार फॉर्म का परिचय दिया था। 19 जुलाई को खेले गए फाइनल में उन्होंने जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेम में 21-17, 21-17 से हराया था। इसके बाद अक्टूबर में सिंधु फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचीं। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें दक्षिण कोरिया की एन से-युंग के हाथों 21-16, 11-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। फ्रेंच ओपन के बाद सिंधु ने हाइलो ओपन में शानदार वापसी की। जर्मनी में आयोजित इस टूर्नामेंट के फाइनल में उन्होंने डेनमार्क की लाइन हजमार्क क्यार्सफेल्ड को महज 39 मिनट में 21-12, 21-14 से हराकर खिताब अपने नाम किया।
पांच साल बाद वर्ल्ड टूर फाइनल्स खेलेंगी पीवी सिंधुहाइलो ओपन में पूरे टूर्नामेंट के दौरान अजेय रहीं सिंधु
हाइलो ओपन में सिंधु का प्रदर्शन खास रहा। उन्होंने लगातार पांच मुकाबले जीते और पूरे टूर्नामेंट में एक भी गेम नहीं गंवाया। दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने सेमीफाइनल में भारत की अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराया था। इसके बाद फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त क्यार्सफेल्ड को सीधे गेम में मात दी। सुपर 500 श्रेणी के इस टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर सिंधु को 9,200 रैंकिंग पॉइंट मिले। जापान ओपन की जीत और फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचने के साथ हाइलो ओपन का खिताब उनकी वर्ल्ड टूर फाइनल्स की दावेदारी के लिए अहम साबित हुआ।
वर्ल्ड रैंकिंग में छठे और टूर रेस में पांचवें स्थान पर
ताजा BWF वर्ल्ड रैंकिंग में पीवी सिंधु 74,421 पॉइंट के साथ छठे स्थान पर हैं। दिसंबर 2022 के बाद यह उनकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। वहीं, वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए जारी अलग रेस रैंकिंग में वे 81,060 पॉइंट के साथ पांचवें नंबर पर हैं। दोनों रैंकिंग के बीच अंतर भी समझना जरूरी है। नियमित BWF वर्ल्ड रैंकिंग में पिछले 52 सप्ताह के प्रदर्शन को आधार बनाया जाता है, जबकि वर्ल्ड टूर रेस में मौजूदा सीजन के सर्वश्रेष्ठ 14 टूर्नामेंट के अंक जोड़े जाते हैं। इसके अलावा, एक देश से अधिकतम दो खिलाड़ी ही क्वालिफाई कर सकते हैं।
सिंधु बोलीं- जीत ने बढ़ाया आत्मविश्वास
हाइलो ओपन का खिताब जीतने के बाद सिंधु ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा था, "इस जीत से मुझे काफी बढ़ावा और बहुत सारा आत्मविश्वास मिला है।" उनके इस बयान से साफ है कि लगातार मिली सफलताओं ने आगामी प्रतियोगिताओं के लिए उनका मनोबल बढ़ाया है। होंगझोउ में होने वाले BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स की कुल इनामी राशि 35 लाख डॉलर यानी करीब 29 करोड़ रुपए है। टूर्नामेंट में शामिल आठ खिलाड़ियों को चार-चार के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। राउंड रॉबिन मुकाबलों के बाद प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष दो खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। अब सिंधु की नजरें इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खिताब जीतने पर होंगी। वे दूसरी बार वर्ल्ड टूर फाइनल्स की ट्रॉफी अपने नाम करने के इरादे से कोर्ट पर उतरेंगी।