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Belgian PM Bart de Wever visit to India
Belgian PM Bart de Wever visit to India
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India Belgium Relations: चीन पर आर्थिक निर्भरता को लेकर भारत ने सही समय पर चेताया था, यूरोप से हुई चूक

India Belgium Relations: प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भारत दौरे के दौरान माना कि यूरोप ने भारत की उन चेतावनियों को नजरअंदाज किया था, जिनमें विदेशी बाजारों पर बढ़ती आर्थिक निर्भरता के खतरे बताए गए थे। उन्होंने कहा कि सस्ते विदेशी सामानों पर निर्भरता से यूरोपीय उद्योग कमजोर हुए और अब यूरोप सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए नए विकल्प तलाश रहा है।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 05 Sep 2026, 12:14 PM · अपडेट: 22 Oct 2026, 11:42 PM
नई दिल्ली
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
India Belgium Relations: भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने एक बड़ा बयान देते हुए स्वीकार किया है कि यूरोप जिस आर्थिक और व्यापारिक खतरे से आज जूझ रहा है, भारत ने उसके प्रति काफी समय पहले ही आगाह कर दिया था। नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बेल्जियम के पीएम ने साफ कहा कि उस वक्त यूरोपीय देशों ने भारत की बात को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा आज पूरा यूरोप भुगत रहा है। 

सस्ते विदेशी सामानों के मोह में फंसा यूरोप

कार्यक्रम के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने किसी देश का सीधा नाम लिए बिना, लेकिन स्पष्ट रूप से चीन की ओर इशारा करते हुए कहा कि यूरोप ने लंबे समय तक सस्ते विदेशी सामानों को अपने बाजारों में आने दिया। इसका सीधा असर यह हुआ कि यूरोपीय उद्योगों पर भारी दबाव बना और धीरे-धीरे प्रमुख चीजों के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता बढ़ती चली गई। उन्होंने कहा कि किसी भी एक देश पर जरूरत से ज्यादा आर्थिक निर्भरता आगे चलकर रणनीतिक दबाव का जरिया बन जाती है। 

आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी नींव

अब यूरोप इस स्थिति की गंभीरता को समझ रहा है और सप्लाई चेन के लिए नए विकल्प तलाश रहा है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने भारत की भूमिका को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में यूरोप को ऐसे लोकतांत्रिक और मजबूत देशों के साथ रिश्ते बेहतर करने की जरूरत है, जहां सहयोग की नींव आपसी सम्मान और भरोसे पर टिकी हो। इस मामले में भारत यूरोप के लिए सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक साझेदार बनकर उभर रहा है। 

कई महत्वपूर्ण समझौतों पर बनी सहमति

दोनों देशों के बीच सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि रक्षा संबंधों में भी तेजी से प्रगाढ़ता आ रही है। भारत और बेल्जियम के बीच सैन्य उपकरणों के संयुक्त उत्पादन, प्रशिक्षण, इंटेलिजेंस शेयरिंग और तकनीकी आदान-प्रदान को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप जिस तरह से चीन से अपनी निर्भरता कम करने की रणनीति पर काम कर रहा है, उससे भारतीय कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए बड़े दरवाजे खुल सकते हैं। 

निर्यात को मिल सकता है बड़ा फायदा

यूरोपीय बाजार अपनी 'सप्लाई चेन' को सुरक्षित करने के लिए भारत को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रहे हैं, जिससे आने वाले समय में भारतीय निर्यात को बड़ा फायदा मिल सकता है।
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