Asian Champions Trophy: जापान को हराकर भारत ने रचा इतिहास, छठी बार अपने नाम की एशियन चैंपियंस ट्रॉफी
Asian Champions Trophy: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब छठी बार जीत लिया। हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारत ने लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।
प्रकाशित: 06 Nov 2026, 09:54 AM· 3 मिनट पढ़ने का समय
खेल डेस्क
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Asian Champions Trophy: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एक बार फिर एशियाई हॉकी में अपना दबदबा साबित कर दिया है। गुरुवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से हराकर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही टीम इंडिया ने लगातार तीसरी बार चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया और टूर्नामेंट के इतिहास में छठी बार ट्रॉफी जीतकर नया रिकॉर्ड कायम किया।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। खिताबी मुकाबले में शुरुआती झटका लगने के बावजूद खिलाड़ियों ने बेहतरीन वापसी की और दूसरे हाफ में चार गोल दागकर जापान की चुनौती खत्म कर दी।
जापान ने शुरुआती बढ़त बनाकर चौंकाया
मोहाली के बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत को खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था। हालांकि, मुकाबले की शुरुआत जापान के पक्ष में रही। मैच के तीसरे ही मिनट में काजूमासा मत्सुमोतो ने फील्ड गोल कर जापान को 1-0 की बढ़त दिला दी। पहले हाफ में भारतीय टीम ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन जापान की रक्षापंक्ति ने भारतीय हमलों को सफल नहीं होने दिया। नतीजा यह रहा कि हाफ टाइम तक जापान ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।
भारतीय हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीतदूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने पलटा मैच
पहले हाफ में पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाया। इसका असर 42वें मिनट में देखने को मिला, जब शैलानंद लाकड़ा ने गोल दागकर मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ियों ने जापान को संभलने का मौका नहीं दिया। 48वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने शानदार फील्ड गोल कर भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी। इसके पांच मिनट बाद 53वें मिनट में जुगराज सिंह ने गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। भारत का हमला यहीं नहीं रुका। अगले ही मिनट यानी 54वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने चौथा गोल दाग दिया। लगातार चार गोल खाने के बाद जापान की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। आखिरकार भारत ने 4-1 से मुकाबला जीतकर ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही टीम इंडिया
भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा। टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 की बड़ी जीत के साथ अभियान शुरू किया। इसके बाद चीन को 5-2 से हराया। भारत ने आगे जापान, मलेशिया और दक्षिण कोरिया के खिलाफ भी जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने दक्षिण कोरिया को 8-1 से करारी शिकस्त देकर फाइनल में जगह बनाई। इसके बाद खिताबी मुकाबले में जापान को हराकर भारत ने अपना अभियान बिना कोई मैच गंवाए पूरा किया।
इन वर्षों में भारत ने जीता खिताब
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की यह छठी खिताबी जीत है। इससे पहले भारतीय टीम 2011, 2016, 2018, 2023 और 2024 में भी चैंपियन बनी थी। लगातार तीसरी बार ट्रॉफी जीतना भारतीय हॉकी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशिया की सबसे मजबूत टीमों में शामिल है।