Indian Railways:यात्रायों के लिए बड़ी खुशखबरी लंबी यात्रा को और आरामदायक बनाने हेतु स्लीपर ट्रेन का नया संस्करण तैयार करने में जुटा है। 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बाद अब 24 कोच वाले नए वर्जन पर काम किया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के साथ यात्रियों को बेहतर सफर का अनुभव देना है। नई ट्रेन को राजधानी एक्सप्रेस के विकल्प के रूप में भी विकसित किया जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) को 24 कोच वाली 50 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। फिलहाल नए संस्करण का डिजाइन तैयार किया जा रहा है। इसे करीब एक महीने में अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद जताई गई है।
पैंट्री कार और ज्यादा टॉयलेट की मिलेगी सुविधा
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मौजूदा डिजाइन पर आधारित होगी, लेकिन यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें कुछ बदलाव किए जाएंगे। सबसे अहम बदलाव पैंट्री कार को शामिल करना है। इससे लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भोजन गर्म करने और यात्रियों को परोसने की सुविधा मिल सकेगी।
200 से ज्यादा वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की योजना
भारतीय रेलवे आने वाले वर्षों में 200 से अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए अलग-अलग कंपनियों और रेल कोच निर्माण इकाइयों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- BEML और ICF: दोनों मिलकर 10 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट तैयार कर रहे हैं।
- किनेट (Kinet): भारत-रूस के संयुक्त उद्यम को 120 ट्रेनसेट बनाने का काम सौंपा गया है।
- टिटागढ़ और BHEL: दोनों की साझेदारी में 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें बनाने की योजना है।
- ICF: फैक्ट्री अपने स्तर पर भी स्लीपर ट्रेन का नया संस्करण विकसित करने की तैयारी कर रही है।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के लिए तैयार होगी ट्रेन
नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान इसकी गति 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखी जा सकती है। हालांकि, ट्रेन की वास्तविक परिचालन गति संबंधित रेल मार्ग की क्षमता, सुरक्षा मानकों और रेलवे की मंजूरी पर निर्भर करेगी।राजधानी एक्सप्रेस से कितनी अलग होगी वंदे भारत स्लीपर?
राजधानी एक्सप्रेस लंबे समय से लंबी दूरी की प्रीमियम रेल यात्रा के लिए जानी जाती है। अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को भी इसी श्रेणी में आधुनिक विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। बेहतर बर्थ, आधुनिक इंटीरियर, पैंट्री कार, सुरक्षा तकनीक और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं इसे खास बना सकती हैं।







