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Evening meals sent for soldiers undergoing training at Carson (Image Source: Social Media)
Evening meals sent for soldiers undergoing training at Carson (Image Source: Social Media)
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US Army Military News: अमेरिकी सेना में रसोइयों का बदला पदनाम, अब कहलाएंगे टैक्टिकल फील्ड फीडिंग स्पेशलिस्ट

US Army Military News: अमेरिकी सेना ने 92G श्रेणी के पाक विशेषज्ञों का पदनाम बदलकर Tactical Field Feeding Specialist कर दिया है। यह फैसला आधुनिक युद्ध की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है, जिसमें सैनिकों के भोजन, पोषण और युद्धक्षेत्र में खाद्य आपूर्ति की भूमिका को अधिक महत्व दिया गया है।

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प्रकाशित: 07 Nov 2026, 02:59 PM · 3 मिनट पढ़ने का समय
वॉशिंगटन
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
US Army Military News: अमेरिकी सेना ने अपने रसोइयों और पाक कला से जुड़े सैनिकों की पहचान में एक बड़ा बदलाव किया है। अब तक जिन्हें 'पाक विशेषज्ञ' (Culinary Specialist) कहा जाता था, उन्हें अमेरिकी सेना ने एक नया और आधुनिक नाम दे दिया है। सेना के भीतर इस पद को अब सामरिक क्षेत्र भोजन विशेषज्ञ (Tactical Field Feeding Specialist) के रूप में जाना जाएगा। इस नए बदलाव की घोषणा इसी सप्ताह की गई है। हालांकि नाम सुनने में थोड़ा लंबा और तकनीकी जरूर लगता है, लेकिन सेना का मानना है कि यह बदलाव सैनिकों की बदलती भूमिका और युद्ध के नए तौर-तरीकों के बिल्कुल सटीक बैठता है।

क्यों बदला गया नाम? 

अमेरिकी सेना ने पिछले दिनों वर्जीनिया के फोर्ट ली में एक विशेष समारोह के दौरान इस नए पदनाम का अनावरण किया था। सेना के मुताबिक, यह कदम मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर युद्ध अभियानों (Large-Scale Combat Operations) के लिए खुद को तैयार करने के तहत उठाया गया है। आधुनिक युद्ध क्षेत्र में केवल हथियारबंद सैनिक ही नहीं, बल्कि भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को भी कठिन और प्रतिस्पर्धी माहौल में रसद (Logistics) की बारीकियों को समझने की जरूरत होती है। सबसे पहले इस बदलाव की खबर स्टार्स एंड स्ट्राइप्स नामक प्रतिष्ठित प्रकाशन ने दी थी। जब हम सेना में किसी पदनाम (MOS) को बदलते हैं, तो यह सिर्फ कागजी कार्रवाई या प्रशासनिक सुधार तक सीमित नहीं होता।

इतिहास और जिम्मेदारियां 

अमेरिकी सेना में रसोइयों के पद को सबसे पहले 1960 के दशक में औपचारिक रूप दिया गया था। उस समय इन्हें '94बी फूड सर्विस स्पेशलिस्ट' कहा जाता था। इसके बाद, साल 1995 में इस विशेषज्ञता का नाम बदलकर '92जी कलिनरी स्पेशलिस्ट' कर दिया गया, जो अब तक चला आ रहा था। मैदान में ये सैनिक सेना के फील्ड फीडिंग सिस्टम और मोबाइल किचन ट्रेलर का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा, वे राशन की सामग्री मंगवाने, इन्वेंट्री मैनेज करने और सैनिकों के लिए समय पर खाना तैयार करने की जिम्मेदारी संभालते हैं।

अच्छा खाना ही असली ताकत है

समारोह के दौरान सेना के जी-4 स्थापना संचालन निदेशालय के सार्जेंट मेजर पॉल डेंसन ने कहा कि मोर्चे पर तैनात सैनिकों के लिए भोजन ही उनकी सबसे बड़ी सहनशक्ति है। उन्होंने आगे कहा, "मैं साफ तौर पर मानता हूँ कि एक अच्छी तरह से पेट भरा हुआ योद्धा ही ज्यादा घातक, फुर्तीला और किसी भी परिस्थिति में ढलने वाला सैनिक बनता है, जो लंबी लड़ाइयों में जीत हासिल कर सके। हम सिर्फ खाना नहीं बना रहे हैं, बल्कि हम सैनिकों को युद्ध के लिए जरूरी पोषण दे रहे हैं। एक सामरिक क्षेत्र भोजन विशेषज्ञ को केवल खाना पकाना ही नहीं, बल्कि पोषण विज्ञान और खाद्य सुरक्षा (Food Safety) की भी पूरी समझ होनी चाहिए।
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