Naxal News: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलवाद पर काफी हद तक काबू पाने के बाद भी जंगलों में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री सुरक्षा बलों के लिए खतरा बनी हुई है। इसी खतरे को देखते हुए गढ़चिरौली पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर जमीन के नीचे छिपाया गया भारी मात्रा में विस्फोटक सामान बरामद किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से संभावित बड़े हमले की साजिश नाकाम होने की बात कही जा रही है।
गुप्त सूचना के बाद जंगल में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
पुलिस को सूचना मिली थी कि गैरापत्ती थाना क्षेत्र के टव्वे जंगल में नक्सलियों ने बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस अभियान में गढ़चिरौली और प्राणहिता के विशेष अभियान दल की चार टुकड़ियों के साथ बम निरोधक दस्ते (BDDS) की दो टीमें भी शामिल थीं। संयुक्त टीमों ने जंगल के संदिग्ध इलाकों में तलाशी शुरू की।
जमीन के नीचे दबाकर रखा था विस्फोटक सामान
घना जंगल और दुर्गम रास्ते होने के बावजूद जवानों ने व्यवस्थित तरीके से तलाशी अभियान जारी रखा। इसी दौरान जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री का पता चला। पुलिस ने मौके से अलग-अलग तरह के उपकरण और नक्सली सामग्री जब्त की।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- विस्फोटक के लिए इस्तेमाल होने वाले 11 कुकर
- करीब 100 फीट लंबे कॉर्टेक्स वायर के 3 बंडल
- 3 किलो गन पाउडर
- 4 डेटोनेटर और 1 बैटरी
- 250 ग्राम पटाखा बारूद
- 4 स्टील कंटेनर
- वायर के 8 बंडल
- 1 सोलर प्लेट
- अन्य नक्सली सामग्री
हमले की तैयारी में इस्तेमाल हो सकता था सामान
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नक्सली जंगलों में इस तरह की सामग्री पहले से छिपाकर रखते थे, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके। आशंका जताई गई है कि इस सामग्री का उपयोग नक्सल सप्ताह या चुनाव के दौरान सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता था। गढ़चिरौली पुलिस की इस कार्रवाई से जंगल में छिपे विस्फोटक का पता चल गया। इससे सुरक्षा बलों के साथ-साथ आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए भी संभावित खतरा टल गया।












