सेक्टर-27 का है मामला, इंद्रावती भवन में कार्यरत हैं पीड़ित
39 मिनट में ताबड़तोड़ पांच ट्रांजेक्शन
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि ठगों ने शातिराना अंदाज में एक ही झटके में पूरी रकम निकालने के बजाय, चंद मिनटों के अंतराल पर पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए।
शाम 5:20 बजे: सबसे पहले 6,000 रुपये निकाले गए।
इसके बाद: 41,049 रुपये और 37,309 रुपये के ट्रांजेक्शन हुए।
फिर: एक बार फिर 37,309 रुपये की निकासी की गई।
अंत में (शाम 5:59 बजे): सबसे बड़ा ट्रांजेक्शन 74,619 रुपये का किया गया।
इस तरह कुल 1,96,286 रुपये की बड़ी रकम कार्ड से साफ हो गई। इन लगातार भुगतानों से साफ जाहिर होता है कि ठगों ने सुनियोजित तरीके से कार्ड की उपलब्ध क्रेडिट सीमा (Limit) का पूरा फायदा उठाते हुए अधिकतम रकम ऐंठने की कोशिश की। पीड़ित पावेश का कहना है कि उन्होंने इन भुगतानों के लिए न तो कोई अनुमति दी थी और न ही खुद कभी कोई ऐसी ऑनलाइन शॉपिंग या ट्रांजेक्शन किया था।
ओटीपी (OTP) या मैसेज की नहीं मिली जानकारी
सबसे ज्यादा डराने वाली बात यह है कि पावेश कंवर को इस दौरान किसी भी तरह का ओटीपी या अलर्ट मैसेज समय पर नहीं मिला। जब उनके पास पैसों के कटने की जानकारी पहुंची, तब तक सारे पांचों ट्रांजेक्शन सफलतापूर्वक पूरे हो चुके थे। हालात भांपते हुए उन्होंने बिना देर किए तुरंत बैंक और स्थानीय पुलिस को इस फ्रॉड की सूचना दी। शुरुआती जांच-पड़ताल में यह अंदेशा जताया जा रहा है कि क्रेडिट कार्ड का गोपनीय डेटा या तो किसी डेटा लीक का शिकार हुआ है, या फिर किसी फर्जी वेबसाइट या अनजान फिशिंग लिंक के जरिए ठगों के हाथ लग गया है।
चार मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस की तलाश में जुटी पुलिस
पीड़ित द्वारा दी गई शिकायत में चार संदिग्ध मोबाइल नंबरों का जिक्र किया गया है। अब पुलिस इन्हीं नंबरों के मालिकों, ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और डिजिटल पेमेंट्स के तमाम रिकॉर्ड्स को खंगालने में जुटी है। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि आखिर कार्ड की डिटेल्स लीक कैसे हुईं और यह सारा पैसा आखिर किन बैंक खातों या डिजिटल वॉलेट्स में ट्रांसफर हुआ है। साइबर सेल की तकनीकी टीम की मदद से ट्रांजेक्शन से जुड़े आईपी (IP) एड्रेस और मर्चेंट की डिटेल भी निकाली जा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने एक बार फिर आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड की गोपनीय जानकारी, सीवीवी (CVV), ओटीपी या किसी भी अनजान लिंक को लेकर पूरी तरह सतर्क रहें और किसी के साथ साझा न करें।












