Fraud Case: छत्तीसगढ़ के भिलाई में एक प्रिंटिंग दुकान में आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां काम करने वाले एक कर्मचारी पर ग्राहकों से भुगतान लेकर दुकान के खाते में जमा नहीं करने और फर्जी बिल जारी करने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, इस तरह करीब 22 लाख 24 हजार रुपए की रकम का गबन किया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब एक ग्राहक ने दुकान संचालक को बताया कि वह अपना पूरा भुगतान पहले ही कर्मचारी को दे चुका है। इसके बाद संचालक ने पुराने लेन-देन की जांच कराई, जिसमें कई ग्राहकों से रकम लेने के बावजूद उसे दुकान के खाते में जमा नहीं करने की बात सामने आई। पीड़ित की शिकायत पर सुपेला पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
2021 से दुकान में काम कर रहा था कर्मचारी
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, सेक्टर-2 भिलाई निवासी अभिषेक पांडेय चंद्रा-मौर्या चौक के पास रिलायंस मार्ट के सामने साई प्रिंट साइनेट प्राइवेट लिमिटेड और श्री साई प्लास्टिक नाम से व्यवसाय संचालित करते हैं। कैंप-1 निवासी अभय सिंह वर्ष 2021 से यहां काम कर रहा था। उसे दुकान में ग्राहकों से ऑर्डर लेने और कैशियर का काम सौंपा गया था। कारोबार से जुड़े भुगतान के लिए संचालक ने उसे एक मोबाइल सिम भी उपलब्ध कराया था।
ग्राहक के खुलासे से सामने आया मामला
शिकायतकर्ता के मुताबिक, अक्टूबर 2025 में सेक्टर-6 निवासी हर्ष सिन्हा दुकान पहुंचे थे। इस दौरान अभिषेक पांडेय ने उनसे पुराने भुगतान की राशि बकाया होने की बात कही। जवाब में ग्राहक ने बताया कि वह पूरी रकम पहले ही अभय सिंह को दे चुके हैं। ग्राहक की बात सुनकर दुकान संचालक को संदेह हुआ। जब उन्होंने कर्मचारी से भुगतान के संबंध में पूछताछ की तो वह घबरा गया। इसके बाद मोबाइल और लेन-देन से जुड़ी जानकारी खंगाली गई। जांच में कई ग्राहकों से पैसे लेने, लेकिन उन्हें दुकान के बैंक खाते में जमा नहीं करने की जानकारी सामने आई।
कई संस्थानों और ग्राहकों से लिया भुगतान
शिकायत में केमरीज स्कूल, बाल भारती पब्लिक स्कूल राजनांदगांव, शुभम मेटल, देवांगन फ्लावर, मोहित मोबाइल, सफायर सैलून, राजेश टेंट, स्टार मैरिज पैलेस और योगेश कॉमर्स क्लासेस सहित कई ग्राहकों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि कर्मचारी ग्राहकों से UPI और नकद के जरिए भुगतान प्राप्त करता था और रकम दुकान के खाते में जमा करने के बजाय अपने निजी बैंक खाते में रख लेता था।वीजी ग्राफिक्स के नाम से देता था फर्जी बिल
मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राहकों द्वारा भुगतान की रसीद या बिल मांगने पर अभय सिंह उन्हें वीजी ग्राफिक्स के नाम से बिल बनाकर देता था। इससे ग्राहकों को भुगतान को लेकर कोई संदेह नहीं होता था। दुकान संचालक अभिषेक पांडेय ने सुपेला थाने में लिखित शिकायत देकर कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।












