Property Fraud Case: शासकीय पट्टे की जमीन को अपनी बताकर बेचने का सौदा करने और 45 लाख 21 हजार रुपए लेने का मामले में सिविल लाइन पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि जमीन के राजस्व न्यायालय में लंबित प्रकरण की जानकारी होने के बावजूद आरोपियों ने प्रार्थी से रकम लेकर उसे जमीन बेचने का भरोसा दिलाया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, सरकंडा के विजयापुरम कॉलोनी निवासी दीपक सोनी ने 24 अक्टूबर को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत में उन्होंने बताया कि ग्राम धमनी में करीब 20 एकड़ जमीन खरीदने के लिए सैय्यद शमशाद अली, उनकी पत्नी कमरूनिशा और सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे के माध्यम से सौदा तय हुआ था। यह जमीन महर्षि स्कूल रोड, मंगला में नीता डेयरी और गीतांजलि पार्क के पहले स्थित बताई गई है। दीपक सोनी के मुताबिक, जमीन खरीदने के लिए उन्होंने अलग-अलग किस्तों में कुल 45 लाख 21 हजार रुपए दिए। यह रकम ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, आरटीजीएस और नकद के जरिए शमशाद अली और उनकी पत्नी को दी गई थी।
रजिस्ट्री के लिए करते रहे इंतजार, जांच में सामने आई जमीन की स्थिति
शिकायत के अनुसार, सौदा तय होने के बाद जमीन का सीमांकन कराकर रजिस्ट्री कराने की बात कही गई थी। आरोप है कि जमीन के दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी न तो सीमांकन कराया गया और न ही रजिस्ट्री की गई। दस्तावेज उपलब्ध कराने में टालमटोल होने पर प्रार्थी ने स्वयं ऑनलाइन जमीन के रिकॉर्ड की जांच की। इसमें जमीन शासकीय पट्टे की होने की जानकारी सामने आई। इस संबंध में आरोपियों से पूछताछ करने पर रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं होने के कारण जमीन शासकीय दिखाई देने की बात कही गई। बाद में पुराने राजस्व रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि जमीन को लेकर राजस्व न्यायालय में प्रकरण लंबित है।शिकायत पर मामला दर्ज, दो आरोपियों को भेजा गया जेल
मामले की शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और सैय्यद शमशाद अली (71 वर्ष), निवासी तालापारा, शीतला मंदिर के पास, तथा सोनू उर्फ चंद्रप्रकाश दुबे (42 वर्ष), निवासी कड़ार, को हिरासत में लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद 26 अक्टूबर को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। फिलहाल, यह मामला जमीन के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और आर्थिक धोखाधड़ी से जुड़ा है।







