Bilaspur Airport: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पूर्ण विकसित एयरपोर्ट और देश के प्रमुख महानगरों के लिए सीधी हवाई उड़ानें शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलन के सात साल पूरे होने पर प्रदर्शनकारियों ने अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। इस दौरान उन्होंने उल्टा चलकर मार्च निकाला और ‘उल्टा चलो’ अभियान की शुरुआत की। प्रदर्शन के जरिए आंदोलनकारियों ने शासन-प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर खींचने का प्रयास किया।
बेहतर हवाई कनेक्टिविटी नहीं मिलने से नाराजगी
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिलासपुर में हवाई सुविधाओं के विस्तार की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। उनका मानना है कि शहर को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी मिलने से आम लोगों को यात्रा में सुविधा होगी। इसके साथ ही व्यापार, उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में भी नए अवसर पैदा होंगे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि बिलासपुर से देश के प्रमुख महानगरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
कई प्रमुख संगठनों ने आंदोलन को दिया समर्थन
बिलासपुर में पूर्ण विकसित एयरपोर्ट की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। इनमें जिला अधिवक्ता संघ, मर्चेंट एसोसिएशन, व्यापारिक संगठन, जिला उद्योग संघ, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), होटल एसोसिएशन, क्रिकेट संघ, हॉकी संघ और रेलवे मेंस कांग्रेस सहित कई संगठन शामिल हैं। आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि विभिन्न संगठनों की भागीदारी से एयरपोर्ट के विस्तार और हवाई सेवाओं में बढ़ोतरी की मांग को और मजबूती मिलेगी।1,500 मीटर का रनवे, बड़े विमानों के संचालन में बाधा
समिति के सदस्य विनय शुक्ला के अनुसार, बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से मार्च 2021 में व्यावसायिक उड़ानों की शुरुआत हुई थी। हालांकि, रनवे की लंबाई करीब 1,500 मीटर होने के कारण यहां फिलहाल छोटे विमानों का ही संचालन हो पा रहा है। बड़े विमानों के उतरने की सुविधा उपलब्ध नहीं होने से हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ाने में परेशानी आ रही है।
रनवे विस्तार कर 4C श्रेणी का एयरपोर्ट बनाने की मांग
आंदोलन समिति की प्रमुख मांग है कि बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार कर इसे 4C श्रेणी के अनुरूप विकसित किया जाए। इससे बड़े विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी और बिलासपुर को देश के प्रमुख महानगरों से सीधी हवाई सेवा के जरिए जोड़ने में मदद मिल सकती है। आंदोलनकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट का विस्तार केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।






