Fraud Case: शादी का वादा कर महिला से बनाए संबंध, इंश्योरेंस के 5 लाख लेकर मुकरा युवक
Fraud Case: बिलासपुर के बेलगहना में पति की मौत के बाद अकेली महिला को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण और 5 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला के दिवंगत पति के इंश्योरेंस क्लेम की रकम हड़प ली और बाद में शादी से मुकर गया। शिकायत के बाद फरार आरोपी राकेश पांडे को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। वहीं, मामले में बेलगहना चौकी पुलिस की शुरुआती कार्रवाई और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
Fraud Case: बिलासपुर के बेलगहना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इंसानियत और भरोसे के रिश्ते को झकझोर कर रख देता है। पति की मौत के बाद अकेली पड़ी एक महिला को अपना शिकार बनाते हुए एक युवक ने पहले
शादी का झूठा सपना दिखाया, फिर उसके साथ शारीरिक शोषण किया और अंत में उसके पति के बीमा (इंश्योरेंस) के मिले पांच लाख रुपये भी हड़प लिए। पुलिस ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, लेकिन इस पूरी घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मदद के बहाने बढ़ाया नजदीकियों का दायरा
घटना कोटा क्षेत्र के बेलगहना चौकी अंतर्गत की है। कुछ महीने पहले ही महिला के पति का निधन हुआ था, जिसके चलते वह गहरे मानसिक और पारिवारिक संकट से गुजर रही थी। इसी का फायदा उठाकर बेलगहना में ही रहने वाले राकेश पांडे (35) उसके घर पहुंचा। शुरुआत में उसने महिला को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया, जिससे महिला का उस पर भरोसा बंध गया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत और मेल-जोल बढ़ने लगा।
शादी का झांसा और फिर पैसों की ठगी
पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी राकेश ने अपनी चिकनी-चुपड़ी बातों में उलझाकर उससे शादी करने का वादा किया और इसी झांसे में लेकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इसी दौरान, मृत पति के बीमा क्लेम की एक
बड़ी रकम महिला के हाथ लगी। आरोपी की नीयत शुरू से ही खराब थी। उसने शादी का झांसा देकर महिला से पांच लाख रुपये नकद ले लिए। लेकिन, जब पैसे मिलने के बाद महिला ने उस पर शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी अपने वादे से मुकर गया और साफ इनकार कर दिया।
गिरफ्तारी और बेलगहना पुलिस की भूमिका पर सवाल
महिला की हिम्मत जुटाकर थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज किया। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने अब धर दबोचा है और न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच बेलगहना पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा और संदेह के घेरे में है:
लापरवाही का पुराना इतिहास: हाल ही में इसी क्षेत्र में जादू-टोने के जरिए गड़ा धन दिलाने के नाम पर ठगी की एक बड़ी घटना सामने आई थी। उस मामले में भी पुलिस की सुस्त कार्रवाई और जब्त रकम को लेकर कई तरह के सवाल उठे थे।
चौकी प्रभारी की कार्यशैली पर संशय: स्थानीय लोगों का कहना है कि दुष्कर्म और आर्थिक धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराध की शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने शुरुआती दौर में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई। पीड़िता न्याय के लिए भटकती रही, जिससे बेलगहना चौकी प्रभारी की भूमिका पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं।
यह मामला न केवल एक शातिर अपराधी की फरेब भरी मानसिकता को बेनकाब करता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि संकट के समय अपनों का संबल ढूंढने वाले लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने वाले दरिंदों से समाज को कितना सतर्क रहने की जरूरत है।