Weather Update: बंगाल की खाड़ी में उपजे चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ नजर आने लगा है। तूफान 'अर्नब' के बाद राज्य के लोग अभी अपनी सामान्य दिनचर्या में पूरी तरह लौट भी नहीं पाए थे कि मुरासु ने तटीय इलाकों से गुजरते हुए छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित कर दिया है। आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद इस डिप्रेशन का रुख अब छत्तीसगढ़ की ओर नमी और तेज हवाएं भेज रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में बारिश और वज्रपात की स्थिति निर्मित हो रही है।
15 जिलों में पीली चेतावनी, बस्तर संभाग पर ज्यादा खतरा
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात के कारण राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। सुरक्षा के लिहाज से रायपुर, दुर्ग, धमतरी समेत 15 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। वहीं सीमावर्ती बस्तर संभाग के 6 जिलों में ज्यादा सतर्कता बरतने के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' दिया गया है। इस मौसम में आए अचानक बदलाव से पारे में भी बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है। कई स्थानों पर दिन का तापमान जो 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो रहा था, उसमें गिरकर 24 डिग्री तक आने का अनुमान जताया गया है।
महासमुंद और आसपास के मैदानी इलाकों में क्या रहेगा असर?
आंध्र प्रदेश और ओडिशा से सटे होने के कारण महासमुंद जिला और उसके आसपास के मैदानी इलाकों (जैसे गरियाबंद, रायपुर और धमतरी के सीमावर्ती क्षेत्र) पर इस तूफान का सीधा प्रभाव देखने को मिलेगा:
- गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना:
महासमुंद जिले में आसमान में घने बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर अचानक गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। - तेज हवाओं का दौर: जिले के खुले मैदानी और ग्रामीण इलाकों में तेज धूलभरी या ठंडी हवाएं चल सकती हैं।
- किसानों पर मंडराया संकट: महासमुंद और पड़ोसी जिलों के किसानों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा चिंताजनक साबित हो रहा है।
धान की कटाई का समय होने के कारण खेतों में खड़ी फसल के गिरने और खलिहानों या खेतों में रखी कटी हुई फसल के भीगने से भारी नुकसान की आशंका है। हाल ही में अर्नब के कारण हुए नुकसान के बाद सरकार ने मुआवजे की घोषणा की थी, लेकिन मुरासु की दोबारा एंट्री ने अन्नदाताओं की मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं।
तेलंगाना में रेड अलर्ट, सतर्क रहने की अपील
चक्रवात के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ने की वजह से तेलंगाना के भद्राद्रि कोठागुडेम, खम्मम और सूर्यपेट जिलों में भारी से अति-भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों ने आम नागरिकों और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण न लेने तथा अपनी तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने की सलाह दी है।







