Fraud Case: सोने-चांदी के डिजाइन और बर्तन बदलने के नाम पर ठगी, शातिर महिला ने 4 घरों से उड़ाए 2 लाख के जेवर व बर्तन
Fraud Case: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के तेन्दूकोना गांव में एक अज्ञात महिला ने पुराने बर्तन के बदले नए बर्तन और गहनों की डिजाइन स्कैनिंग के नाम पर चार परिवारों से सोने-चांदी के जेवरात और बर्तन ठग लिए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 2,00,200 रुपये बताई गई है। शिकायत के बाद तेन्दूकोना पुलिस ने BNS की धारा 318(3) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Fraud Case: डिजाइनिंग और बर्तन चमकाने का झांसा देकर ग्रामीण महिलाओं को चूना लगाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महासमुंद जिले के तेन्दूकोना गांव में एक अज्ञात शातिर महिला ने 'पुराने बर्तन के बदले नया बर्तन' और 'गहनों की स्कैनिंग के बदले
पैसा' देने का लालच देकर चार परिवारों से करीब 2,00,200 रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात और बर्तन पार कर दिए। महिलाओं की शिकायत के बाद तेन्दूकोना पुलिस ने अज्ञात आरोपी महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(3) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पहले जीता विश्वास, फिर बिछाया ठगी का जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता कीर्ति दीवान (35 वर्ष) ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 15 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे एक अज्ञात महिला उनके घर पहुंची। महिला ने दावा किया कि वह पुराने और टूटे-फूटे बर्तनों के बदले महज
30 से 50 रुपए लेकर नया बर्तन बनाकर देती है। शुरुआती विश्वास कायम करने के लिए कीर्ति ने उसे दो छोटे टिफिन दिए। अगले ही दिन (16 अक्टूबर) वह महिला नया टिफिन लौटाने आ गई। इस तरह उसने आवेदिका का भरोसा जीत लिया।
कंप्यूटर स्कैनिंग और पैसों का लालच देकर उड़ाए जेवर
17 अक्टूबर को जब वह महिला दोबारा पहुंची, तो उसने एक नया झांसा दिया। उसने कहा कि “यदि आपके पास सोने-चांदी के जेवरात हैं, तो उनके डिजाइन कंप्यूटर में स्कैन कर बाहर भेजे जाएंगे, जिसके बदले में आपको अच्छे पैसे मिलेंगे।” झांसे में आकर कीर्ति दीवान ने करीब 25,000 रुपए की दो पायल और 2,000 रुपए की पीतल की परात उसे सौंप दी। इसके बाद आरोपी महिला सामान लेकर रफूचक्कर हो गई।एक-एक कर पड़ोसी महिलाओं को भी बनाया शिकार
जब आरोपी महिला काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो कीर्ति ने यह बात अपने पड़ोसियों को बताई। इसके बाद जो खुलासा हुआ, उससे पूरे मोहल्ले के होश उड़ गए। पता चला कि उसी महिला ने तीन अन्य पड़ोसियों को भी इसी तरह अपने जाल में फंसाया था:
किरण निर्मलकर: 2 बड़े गंज, 1 कांस की थाली और 6 सोने के मटरदाने (कुल कीमत लगभग ₹46,000)।
सविता दीवान: पीतल का गंज, चांदी की राधा-कृष्ण मूर्ति, सोने के कान के टॉप्स, 10 सोने के गेहूं दाने और 2 सोने के लॉकेट (कुल कीमत लगभग ₹1,12,000)।
सावित्री निर्मलकर: कांस की थाली, कांस का लोटा, बड़ा स्टील ड्रम, एल्युमिनियम कड़ाही, दूध डिब्बा व तांबे का लोटा (कुल कीमत लगभग ₹14,700)।
4-5 दिन किया इंतजार, फिर पहुंचीं थाने
ठगी की शिकार महिलाओं ने चार से पांच दिनों तक आरोपी महिला के लौटने का इंतजार किया। जब वह वापस नहीं आई, तब उन्हें समझ आया कि वे किसी संगठित ठगी का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद कीर्ति दीवान, सविता दीवान, सावित्री निर्मलकर और किरण निर्मलकर ने संयुक्त रूप से तेन्दूकोना थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।