International Literacy Day: मानव श्रृंखला से छात्राओं ने रचा उल्लास, दिया साक्षरता का संदेश
International Literacy Day: आरंग के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोढ़ी की छात्राओं ने उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत मानव श्रृंखला बनाकर ‘उल्लास’ शब्द की आकृति तैयार की। इस रचनात्मक पहल के जरिए विद्यार्थियों ने शिक्षा, साक्षरता और आजीवन सीखने का संदेश दिया।
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कीर्तिमान न्यूज
08 Sep 2026, 07:40 PM
आरंग
International Literacy Day: अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के मौके पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोढ़ी में एक बेहद खास और रचनात्मक आयोजन देखने को मिला। 'उल्लास–नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' के तहत स्कूल की छात्राओं ने पढ़ाई-लिखाई और सामाजिक जागरूकता से जुड़ा एक प्रेरक संदेश दिया।
छात्राओं ने मानव श्रृंखला बनाकर उकेरा ‘उल्लास’
कार्यक्रम में व्याख्याता सुनीता पांडेय के मार्गदर्शन में स्कूल की छात्राओं ने मैदान में एक साथ बैठकर मानव श्रृंखला बनाई। सभी छात्राओं ने मिलकर 'उल्लास' शब्द की एक बेहद सुंदर और स्पष्ट आकृति तैयार की। दूर से देखने पर मानव श्रृंखला से बनी यह आकृति हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी रही। छात्राओं ने शिक्षा, ज्ञान और जागरूकता के महत्व को उजागर किया
किताबों से परे: जीवन भर सीखते रहने का संदेश
इस अनूठी पहल के जरिए छात्राओं ने समाज को यह समझाने का प्रयास किया कि शिक्षा केवल स्कूल-कॉलेज की चारदीवारी या किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि यह पूरे जीवन चलने वाली एक निरंतर प्रक्रिया है। 'उल्लास' कार्यक्रम की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए छात्राओं ने यह बात रेखांकित की कि हर उम्र में नया सीखना ही व्यक्ति और समाज को आगे ले जाता है।
शिक्षकों ने सराहा, साक्षरता को बताया विकास की नींव
छात्राओं की इस रचनात्मक प्रस्तुति और सोच की पूरे स्कूल परिवार ने जमकर सराहना की। विद्यालय के शिक्षकों का कहना था कि एक साक्षर और शिक्षित समाज ही सशक्त और प्रगतिशील राष्ट्र की मजबूत नींव रखता है। इस तरह की रचनात्मक गतिविधियों से न केवल बच्चों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि आम लोगों तक भी शिक्षा का सही अर्थ पहुंचता है।