Damaged Irrigation Outlet Repair: सुशासन तिहार में ध्यानाकर्षण के बाद भी सिंचाई नाली का मरम्मत नहीं, पानी की दरकार
Damaged Irrigation Outlet Repair: आरंग के टेकारी क्षेत्र में सिंचाई नाली के क्षतिग्रस्त क्रासिंग डीसी की मरम्मत नहीं होने से करीब 80-90 एकड़ खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। किसानों ने सुशासन तिहार में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन 114 दिन बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
Damaged Irrigation Outlet Repair: किसानों की समस्या को लेकर सुशासन तिहार में आवेदन देने के बाद भी सिंचाई नाली की मरम्मत नहीं हो सकी है। जल उपभोक्ता संस्था टेकारी के अंतर्गत आने वाले डायरेक्टर आउटलेट से जुड़े क्षतिग्रस्त क्रासिंग डीसी का सुधार कार्य अब तक लंबित है। इसके चलते करीब 80 से 90 एकड़ खेतों तक सिंचाई पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जबकि इस समय फसलों के लिए पानी की जरूरत है।
मई में दिया गया था आवेदन, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
जल उपभोक्ता संस्था टेकारी के पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त क्रासिंग डीसी की समस्या को लेकर 18 मई को ग्राम सिवनी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में आवेदन दिया गया था। आवेदन में नहर प्रणाली में आवश्यक कुलापों के निर्माण, पानी की बर्बादी रोकने के लिए महानदी मुख्य नहर से लगे नहर नाली की लाइनिंग कराने सहित अन्य मांगें भी रखी गई थीं।
क्षतिग्रस्त आउटलेट से प्रभावित हो रही सिंचाई व्यवस्था
यह सिंचाई व्यवस्था महानदी जलाशय परियोजना के तहत महानदी सिंचाई मंडल और जल प्रबंध संभाग क्रमांक-1 के उपसंभाग क्रमांक-4 के अधीन आती है। महानदी मुख्य नहर के 94 किलोमीटर के बाएं हिस्से में स्थित डायरेक्टर आउटलेट से टेकारी क्षेत्र के किसानों के खेतों तक पानी पहुंचता है। लेकिन क्रासिंग डीसी खराब होने से सिंचाई सुविधा प्रभावित हो रही है।अधिकारियों से जल्द मरम्मत की मांग
किसानों की परेशानी को देखते हुए भूपेंद्र शर्मा ने एक बार फिर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों का ध्यान इस समस्या की ओर दिलाया है। उन्होंने अधीक्षण अभियंता एसएस साहू, कार्यपालन अभियंता ललित रावटे और अनुविभागीय अधिकारी विनोद कुमार बहादुर से जल्द से जल्द क्रासिंग डीसी की मरम्मत कराने का आग्रह किया है, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई पानी मिल सके। किसानों का कहना है कि यदि जल्द सुधार कार्य नहीं हुआ तो खेती प्रभावित हो सकती है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।