स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर महासमुंद का जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। जिला परिवहन अधिकारी प्रतीक शुक्ला के मार्गदर्शन में सोमवार को परिवहन विभाग और यातायात पुलिस की एक संयुक्त टीम ने शहर के दो प्रमुख निजी स्कूलों—रीवरडेल इंटरनेशनल स्कूल और वेडनर स्कूल में औचक जांच अभियान चलाया। इस सघन चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था को परखना और नाबालिग छात्रों द्वारा वाहन चलाकर स्कूल आने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाना था।
बसों में मिलीं कमियां, मैनेजमेंट को नोटिस
जांच के दौरान टीम ने जब स्कूली बसों का बारीकी से निरीक्षण किया, तो 2 बसों में सुरक्षा मानकों और तकनीकी सुविधाओं से जुड़ी खामियां पाई गईं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए परिवहन अधिकारी ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नाबालिग ड्राइवरों पर भी नज़र
अच्छी बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान कोई भी नाबालिग छात्र दोपहिया वाहन से स्कूल आता हुआ नहीं मिला। हालांकि, परिवहन अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
विभाग का निर्देश:
16 वर्ष से अधिक आयु के छात्र यदि वाहन लाते हैं, तो उनके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस और हेलमेट होना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस और हेलमेट के किसी भी छात्र को दोपहिया वाहन से स्कूल आने की अनुमति न दी जाए। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के अन्य स्कूल प्रबंधनों में भी हड़कंप का माहौल है। परिवहन विभाग का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।