छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां संपत्ति के लालच और आपसी रंजिश में अपने ही नाना की बेरहमी से हत्या करने वाले दो नातियों को कानून ने उनके अंजाम तक पहुंचा दिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। यह पूरी वारदात खरसिया थाना इलाके के ग्राम सोण्डका की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष ने बताया कि ग्राम सोण्डका के रहने वाले 62 वर्षीय गेंदलाल डनसेना का अपने ही परिवार में पुश्तैनी जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी।
संपत्ति बनी मौत का कारण
मृतक के साथ ही उनके दो नाती—ओमप्रकाश डनसेना (24) और कार्तिक डनसेना (19) भी रहा करते थे। विवाद की मुख्य वजह संपत्ति पर कब्जे की होड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकान का अधिकार बनी, जिसे लेकर आए दिन घर में कहासुनी होती रहती थी। यह रंजिश 25 दिसंबर 2022 को उस वक्त और गहरा गई जब दोनों नातियों ने गेंदलाल के छोटे भाई के घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ और मारपीट की।
तब तक किया वार जब तक नहीं थमी सांस
इस घटना की शिकायत तुरंत खरसिया थाने में दर्ज कराई गई थी। अगले ही दिन, 26 दिसंबर 2022 को मामले को सुलझाने के लिए एक पारिवारिक बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बात बनने की जगह और बिगड़ गई। देखते ही देखते दोनों आरोपी आपा खो बैठे और अपने नाना पर जानलेवा हमला करने दौड़े। वृद्ध गेंदलाल अपनी जान बचाने के लिए एक कमरे में भागकर छिप गए और अंदर से कुंडी लगा ली। लेकिन जुनून में अंधे हो चुके नातियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़ डाला और कमरे के भीतर घुसकर टांगी, फावड़ा व डंडों से तब तक वार करते रहे जब तक कि बुजुर्ग की सांसें नहीं थम गईं।आरोपियों ने कबूल किया अपना जुर्म
वारदात की खबर मिलते ही तत्कालीन खरसिया थाना प्रभारी (उप निरीक्षक) नंद किशोर गौतम और जोबी चौकी प्रभारी (एएसआई) लक्ष्मी नारायण राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी कार्तिक डनसेना को मौके से ही धर दबोचा। वहीं दूसरा आरोपी ओमप्रकाश वारदात के बाद फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने अगले दिन मुखबिर की सटीक सूचना पर नावापारा रोड से गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी, फावड़ा, डंडा, गैस सिलेंडर और खून से सने कपड़े भी बरामद किए गए।
दोषियों को मिला आजीवन कारावास
एसएसपी शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने केस की मजबूत विवेचना की और सभी अहम भौतिक व मौखिक साक्ष्य जुटाकर अदालत में एक पुख्ता चालान पेश किया। अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता श्रीवास्तव की अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रभावी ढंग से दलीलें पेश कीं। पुलिस की मजबूत जांच और पुख्ता सबूतों को नजरअंदाज न करते हुए अदालत ने दोनों नातियों—ओमप्रकाश और कार्तिक को अपने नाना की हत्या का दोषी पाया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।