Thursday, 22 Oct 2026 भारत
W 𝕏 f
होम › भाजपा › Jhiram Valley Case: मंत्री देवांगन का झीरम घाटी फ…
Lakhan Lal Dewangan on Jhiram Valley Verdict(Image source: Keertiman Media)
Lakhan Lal Dewangan on Jhiram Valley Verdict(Image source: Keertiman Media)
भाजपा

Jhiram Valley Case: मंत्री देवांगन का झीरम घाटी फैसले पर कांग्रेस पर पलटवार, बोले- ‘जेब में सबूत’ थे तो 5 साल चुप क्यों रहे?

Jhiram Valley Case: झीरम घाटी मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद मंत्री लखन लाल देवांगन ने कांग्रेस और भूपेश बघेल पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में रहते ‘सबूत’ सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए।

ल
प्रकाशित: 06 Sep 2026, 06:23 PM · अपडेट: 19 Oct 2026, 06:17 PM
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Jhiram Valley Case: झीरम घाटी नक्सली हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। अदालत द्वारा 10 आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद कांग्रेस ने जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए और नार्को टेस्ट की मांग की। अब उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कांग्रेस के आरोपों पर तीखा पलटवार किया है।
गौरेला दौरे पर पहुंचे मंत्री देवांगन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस के बयानों में अब कोई दम नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि NIA देश की राष्ट्रीय और स्वायत्त जांच एजेंसी है, जिसने झीरम घाटी जैसे संवेदनशील मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की है। जांच के बाद अदालत ने आरोपियों को दोषी माना है और अब 16 सितंबर को सजा का ऐलान किया जाएगा।

‘सबूत जेब में थे तो सत्ता में रहते क्यों नहीं दिखाए?’

मंत्री लखन लाल देवांगन ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लंबे समय तक दावा करते रहे कि झीरम कांड से जुड़े सबूत और मुख्य षड्यंत्रकारियों की जानकारी उनके पास है।
देवांगन ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में पांच साल तक सत्ता में रही और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कथित तौर पर अपनी जेब में रखे सबूत सार्वजनिक क्यों नहीं किए?
मंत्री ने कहा कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस इस मामले में कुछ नहीं कर पाई और अब जांच एजेंसियों की कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक मुद्दा बनाकर लोगों का ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

जांच एजेंसियों पर सवाल उठाने पर भी निशाना

मंत्री देवांगन ने कहा कि झीरम घाटी मामले की जांच कर रही एजेंसियों पर राजनीतिक आधार पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक जांच प्रक्रिया तथ्यों और कानून के अनुसार आगे बढ़ी है और अदालत ने भी अपना फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार का रुख स्पष्ट है कि किसी भी अपराध में शामिल दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और न्यायिक प्रक्रिया को उसके अंतिम चरण तक पहुंचाया जाएगा।

फैसले के बाद बढ़ी सियासी बयानबाजी

झीरम घाटी मामले में NIA की विशेष अदालत के फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर यह मुद्दा केंद्र में आ गया है। कांग्रेस जहां जांच को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा नेता अदालत के फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का परिणाम बता रहे हैं।
अब 16 सितंबर को होने वाली सजा की सुनवाई पर राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरें टिकी हैं। इसके साथ ही झीरम घाटी मामले को लेकर आने वाले दिनों में सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें