कोरबा जिले में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए युवाओं को नौकरी का लालच देकर उनसे रकम वसूल रहे थे।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब प्रार्थी मिथुन गिरी ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह पहले एक स्मॉल फाइनेंस बैंक में कार्यरत थे। इसी दौरान उनकी पहचान आरोपी मनोज कुमार आदित्य से हुई। आरोपी ने उन्हें बालको प्लांट स्थित केआईपीएल कंपनी में स्थायी नौकरी लगाने और बेहतर वेतन दिलाने का भरोसा दिया था।
किस्तों में वसूले गए 50 हजार रुपये
शिकायत के अनुसार, आरोपी ने नौकरी लगवाने के नाम पर अलग-अलग समय में फोन-पे और नकद माध्यम से कुल 50 हजार रुपये वसूल लिए। लेकिन पैसे लेने के बाद भी न तो नौकरी लगवाई गई और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया गया। पीड़ित को लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी मनोज कुमार आदित्य और यशवंत कुमार चौहान ने “गुड जॉब बेटर लाइफ्स” नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ था। इस ग्रुप में बेरोजगार युवाओं को जोड़ा जाता था और उन्हें बड़े-बड़े कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता था। आरोप है कि इसी तरीके से कई युवाओं से पैसे वसूले गए।अन्य पीड़ितों से भी ठगी का खुलासा
पीड़ितों के अनुसार, हरीश साहू से 18 हजार रुपये, संतोष दास महंत से 23 हजार रुपये और राजेंद्र कुमार साहू से 5500 रुपये वसूले गए। इसके अलावा जिले और अन्य क्षेत्रों के कई लोगों से भी इसी तरह की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें कथित रूप से जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की और पीड़ितों के बयान दर्ज किए। सभी ने नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी की पुष्टि की। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं तथा कितने युवाओं को ठगी का शिकार बनाया गया है।
