JP Power News: कभी उत्तर भारत की सबसे बड़ी कंस्ट्रक्शन कंपनियों में शामिल रही जयप्रकाश एसोसिएट्स (JP Associates) अब अपने पुराने दौर से काफी दूर पहुंच चुकी है। आर्थिक संकट और दिवालिया प्रक्रिया के बाद कंपनी का नियंत्रण अब अदाणी ग्रुप के हाथों में चला गया है। जेपी ग्रुप की जिन कंपनियों में हिस्सेदारी थी, वहां अब धीरे-धीरे अदाणी समूह की कंपनियों की मौजूदगी बढ़ गई है।
जेपी एसोसिएट्स की JP Power Ventures में करीब 24 फीसदी हिस्सेदारी थी। दिवालिया प्रक्रिया के बाद यह हिस्सेदारी अदाणी ग्रुप की कंपनी अदाणी पावर के पास पहुंच गई। इस अधिग्रहण के बाद अदाणी पावर जेपी पावर की प्रमुख निवेशक कंपनियों में शामिल हो गई। इस कदम को ऊर्जा क्षेत्र में अदाणी समूह के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा गया।
JP Power में 51 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने की खबर पर आया जवाब
हाल ही में एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अदाणी पावर साल 2026 के अंत तक JP Power में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 51 फीसदी तक कर सकती है। इस खबर के सामने आने के बाद बाजार में भी इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि, अदाणी पावर ने इस दावे पर सफाई देते हुए इसे गलत बताया है।
अदाणी पावर ने 51% हिस्सेदारी की खबर को बताया अफवाह
अदाणी पावर ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए जानकारी दी कि JP Power में अपनी हिस्सेदारी को 24 फीसदी से बढ़ाकर 51 फीसदी करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। कंपनी ने 51 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट को केवल एक अफवाह बताया और कहा कि इस तरह की कोई आधिकारिक योजना उसके विचाराधीन नहीं है।JP Power को लेकर आगे की रणनीति पर नजर
अदाणी समूह के JP Power में निवेश के बाद कंपनी की गतिविधियों और भविष्य की रणनीति पर बाजार की नजर बनी हुई है। हालांकि, हिस्सेदारी बढ़ाने को लेकर अभी तक अदाणी पावर की ओर से कोई नया प्रस्ताव सामने नहीं आया है। फिलहाल कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, JP Power में अदाणी पावर की हिस्सेदारी 24 फीसदी के आसपास ही है और 51 फीसदी हिस्सेदारी बढ़ाने की खबरों में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

