JPSC-JSSC विवाद : रांची में छात्रों का 17वें दिन विधानसभा घेराव की तैयारी, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। 17 दिनों से जारी प्रदर्शन के तहत सोमवार को छात्र संगठनों ने विधानसभा महाघेराव का ऐलान किया है। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए विधानसभा क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू कर दी है।
क
कीर्तिमान न्यूज
10 Aug 2026, 09:27 AM
रांची
झारखंड की राजधानी रांची में सरकारी नौकरियों की राह देख रहे युवाओं का सब्र अब जवाब दे रहा है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर पिछले 17 दिनों से चल रहा आंदोलन अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। अपनी मांगों को लेकर आर-पार के मूड में आए छात्रों ने सोमवार, 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के 'महाघेराव' का शंखनाद कर दिया है। इस बड़े प्रदर्शन से ठीक पहले छात्र संगठनों ने काफी परिपक्वता दिखाते हुए अपने साथियों के लिए एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। उनका साफ मैसेज है कि यह हक़ की लड़ाई है, इसे किसी भी कीमत पर हिंसक नहीं होने देना है।
किसी भी तरह के टकराव से बचे
मार्च में शामिल होने वाले सभी युवाओं को स्पष्ट हिदायत दी गई है कि वे पुलिस या सुरक्षाबलों के साथ किसी भी तरह के टकराव से बचें। साथ ही, आम जनता, राहगीरों और ट्रैफिक को कोई असुविधा न हो, इसका पूरा ख्याल रखा जाए। संगठनों ने यह भी तय किया है कि अगर भीड़ में कोई उपद्रवी जानबूझकर हंगामा करता है या पुलिस से भिड़ता है, तो दूसरे छात्र उसका बिल्कुल साथ न दें, बल्कि तुरंत पुलिस को उसकी जानकारी दें।
कंटीली तारों से हुई घेराबंदीकई मैराथन बैठकों के बाद भी नहीं बनी बात
अफवाहों से बचने और संयम बनाए रखने की भी खास अपील की गई है। ऐसा नहीं है कि इस मुद्दे पर सरकार और छात्रों के बीच कोई संवाद नहीं हुआ। कई दौर की मैराथन बैठकों के बाद भी बात पूरी तरह बन नहीं पाई है। एक तरफ सरकार का दावा है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए जा चुके हैं। यहां तक कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद पत्र लिखकर युवाओं को आश्वस्त कर चुके हैं।
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में
वहीं दूसरी तरफ, छात्र इस दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। दरअसल, सबसे बड़ा गतिरोध JSSC CGL परीक्षा और इससे जुड़ी नियुक्तियों को लेकर बना हुआ है, जिस पर छात्र ठोस और पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। युवाओं की इस हुंकार को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। विधानसभा और उसके आस-पास के पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं।
आज एक बड़ा इम्तिहान का दिन
हालात को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है। आज का दिन रांची के लिए काफी गहमागहमी भरा रहने वाला है। अब देखना दिलचस्प होगा कि छात्रों का यह मार्च क्या रंग लाता है— क्या सरकार युवाओं को मनाने में कामयाब हो पाएगी या फिर यह आंदोलन कोई नया रूप लेगा? प्रशासन और छात्र, दोनों के लिए आज का दिन एक बड़ा इम्तिहान है।