छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के टेकमीटोला के जंगल और पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान जवानों ने 5 किलोग्राम का शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बरामद किया। यह विस्फोटक एक प्रेशर कुकर में छिपाकर जंगल में प्लांट किया गया था, जिसे नक्सली “प्रेशर कुकर बम” के नाम से उपयोग करते हैं।
सूचना के अनुसार, आज जिला पुलिस, बीएसएफ और बम निरोधक दस्ता (BDS) की संयुक्त टीम नियमित सर्चिंग अभियान पर निकली थी। इसी दौरान टेकमीटोला के घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जांच करने पर पता चला कि यह लगभग 5 किलो का आईईडी है, जिसे नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से लगाया गया था।
समय रहते टला बड़ा हादसा
सुरक्षाबलों की सतर्कता और तकनीकी दक्षता के चलते एक बड़ी नक्सली साजिश को विफल कर दिया गया। बीडीएस टीम ने मौके पर ही अत्यंत सावधानीपूर्वक इस आईईडी को डिफ्यूज कर सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया। यदि यह विस्फोट होता, तो भारी जनहानि और नुकसान की आशंका थी। यह पूरा अभियान बस्तर आईजी सुंदरराज पी और कांकेर एसपी निखिल राखेचा के मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देशन में लगातार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्चिंग अभियान तेज किया गया है, ताकि किसी भी तरह की नक्सली गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके।पुलिस के जवानों की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में बीएसएफ की 94वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट रमेश कुमार रजक, इंस्पेक्टर सुमन कंथोसू, उप निरीक्षक रोशन लाल मीणा सहित अन्य जवान शामिल रहे। सभी ने मिलकर संयुक्त रूप से क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्चिंग अभियान को सफल बनाया।
कांकेर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नक्सल प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार सर्चिंग और ऑपरेशन जारी रहेंगे। सुरक्षा बलों का उद्देश्य क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सामान्य स्थिति बनाए रखना है। आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियानों को और तेज किया जाएगा ताकि नक्सल नेटवर्क को पूरी तरह कमजोर किया जा सके।
