विशेषज्ञों ने बताई मौत की वजह
वन्यजीव विशेषज्ञ और स्थानीय जानकार इस घटना को भीषण गर्मी और हीट स्ट्रोक का असर मान रहे हैं। लगातार बढ़ रहे तापमान और नौतपा के दौरान पड़ रही तेज लू के कारण वन्यजीवों का प्राकृतिक जीवन प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के कारण चमगादड़ों के शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं रह पा रहा, जिससे उनकी मौत हो रही है।
इंसानों की सेहत पर भी गर्मी का असर
लगातार बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों की सेहत पर भी साफ दिखाई देने लगा है। जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डिहाइड्रेशन, उल्टी, चक्कर और लू से प्रभावित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर नहीं निकलने, अधिक पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना जताई है। नौतपा के दौरान हीटवेव का असर और तेज हो सकता है, जिससे हालात और गंभीर बनने की आशंका है। प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।कोरबा में भी सामने आया था ऐसा मामला
बता दें कि इससे पहले कोरबा जिले के पाली विकासखंड स्थित नौकोनिया तालाब के आसपास लगे बड़े पेड़ों में रहने वाले सैकड़ों चमगादड़ अचानक पेड़ों से जमीन पर गिरने लगे थे। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। अब कांकेर में सामने आई घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है।
