Lumino Industries IPO: पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की कंपनी Lumino Industries Limited के आईपीओ में बोली लगाने का आज यानी 31 अगस्त को आखिरी दिन है। करीब 700 करोड़ रुपए के इस मेनबोर्ड आईपीओ को अब तक निवेशकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 78 से 82 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। शेयर अलॉटमेंट 1 सितंबर को और लिस्टिंग 3 सितंबर को होने की संभावना है।
GMP करीब 70%, लिस्टिंग पर मुनाफे की उम्मीद
Lumino Industries IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 57 रुपए बताया जा रहा है। 82 रुपए के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह लगभग 70 फीसदी का प्रीमियम है। इसके आधार पर ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर की संभावित कीमत करीब 139 रुपए मानी जा रही है। हालांकि, पिछले दो दिनों में GMP में गिरावट आई है। 29 अगस्त को यह करीब 63 रुपये यानी लगभग 77 फीसदी के प्रीमियम पर था।
GMP करीब 70%, लिस्टिंग पर मुनाफे की उम्मीद
Lumino Industries IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम करीब 57 रुपए बताया जा रहा है। 82 रुपए के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले यह लगभग 70 फीसदी का प्रीमियम है। इसके आधार पर ग्रे मार्केट में कंपनी के शेयर की संभावित कीमत करीब 139 रुपए मानी जा रही है। हालांकि, पिछले दो दिनों में GMP में गिरावट आई है। 29 अगस्त को यह करीब 63 रुपए यानी लगभग 77 फीसदी के प्रीमियम पर था।निवेशकों ने जमकर लगाई बोली
आईपीओ को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया देखने को मिली है। सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे तक यह इश्यू 21 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हो चुका था। बोली लगाने के लिए अभी समय बाकी होने के कारण सब्सक्रिप्शन का आंकड़ा और बढ़ सकता है। मजबूत सब्सक्रिप्शन के साथ ग्रे मार्केट में प्रीमियम ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है।
एक लॉट के लिए कितने रुपए लगाने होंगे
Lumino Industries IPO में रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 182 शेयर रखे गए हैं। 82 रुपए के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से एक लॉट के लिए निवेशक को 14,924 रुपए लगाने होंगे। वहीं, एक रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकता है। इस तरह अधिकतम निवेश राशि करीब 1,94,012 रुपए होगी।
IPO से जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनी
कंपनी आईपीओ से मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा मौजूदा कर्ज कम करने में इस्तेमाल करेगी। करीब 337 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कुछ कर्ज के प्रीपेमेंट या रीपेमेंट के लिए किया जाएगा। इसके अलावा लगभग 15.01 करोड़ रुपए कैपिटल एक्सपेंडिचर पर खर्च होंगे। इसमें मशीनरी और उपकरणों की खरीद, सिविल वर्क और मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में इंटीरियर डेवलपमेंट शामिल है। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए इस्तेमाल की जाएगी।क्या करती है Lumino Industries
Lumino Industries की शुरुआत 2005 में हुई थी। कंपनी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) के साथ मैन्युफैक्चरिंग कारोबार में भी सक्रिय है। इसका मुख्य फोकस भारत के पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर पर है। कंपनी कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और HTLS कंडक्टर जैसे उत्पाद बनाती है, जिनका इस्तेमाल बिजली ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर में किया जाता है।

