Luxury car controversy: लोक गायिका से विधायक बनीं मैथिली ठाकुर इन दिनों अपनी एक लग्जरी कार को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। बिहार की 26 वर्षीय विधायक मैथिली ठाकुर हाल ही में मुंबई के प्रसिद्ध लालबाग के राजा के दर्शन करने पहुंचीं थीं। इस दौरान उन्हें एक रोल्स रॉयस कार में देखा गया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनकी आलोचना शुरू कर दी। हालांकि, इस कार की वास्तविक मालिकाना जानकारी अभी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हुई है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह करीब 13 करोड़ रुपए की रोल्स रॉयस कार है।
मैथिली ठाकुर की आलोचना के बाद अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत उनके समर्थन में सामने आईं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन लोगों पर सवाल उठाए, जो नेताओं के बेहतर जीवन स्तर को लेकर आपत्ति जताते हैं। कंगना ने लिखा कि अगर कोई जनसेवा करता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसे हमेशा साधारण या संघर्षपूर्ण जीवन ही जीना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेताओं का अपना करियर, पहचान और निजी जीवन भी होता है।
"हम अच्छी जिंदगी क्यों नहीं जी सकते?" कंगना का सवाल
कंगना रनौत ने अपने पोस्ट में कहा कि कुछ लोगों को तब परेशानी होती है जब वे किसी राजनेता को अच्छी सुविधाओं के साथ जीवन जीते देखते हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता की सेवा करते हैं, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि वे अपनी निजी उपलब्धियों या जीवनशैली को पूरी तरह छोड़ दें। उन्होंने यह भी कहा कि जनसेवा करने वाले लोगों को जनता के पैसे पर निर्भर रहने की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
हलफनामे को लेकर सोशल मीडिया पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स मैथिली ठाकुर के चुनावी हलफनामे का हवाला देते हुए सवाल उठा रहे हैं। वायरल दावों में कहा जा रहा है कि उन्होंने अपने हलफनामे में एक होंडा एक्टिवा और करीब 3 करोड़ रुपए की संपत्ति का उल्लेख किया था। हालांकि, रोल्स रॉयस कार के इस्तेमाल को लेकर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है।कई भारतीय भाषाओं में गा चुकी हैं मैथिली ठाकुर
संगीत के क्षेत्र में मैथिली ठाकुर की अलग पहचान है। उन्होंने हिंदी, मैथिली, भोजपुरी, बंगाली, उर्दू, मराठी, पंजाबी, तमिल और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में गीत प्रस्तुत किए हैं।
वह लोक संगीत, पारंपरिक गीतों और शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने के लिए भी जानी जाती हैं। उनके यूट्यूब चैनल पर भी बड़ी संख्या में लोग उनके गीतों को पसंद करते हैं।
बिहार की सबसे युवा विधायकों में शामिल हैं मैथिली ठाकुर
मैथिली ठाकुर देश की लोकप्रिय पारंपरिक और शास्त्रीय संगीत गायिकाओं में शामिल हैं। उन्होंने राजनीति में कदम रखते हुए भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा और दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से विधायक चुनी गईं। 2025 के विधानसभा चुनाव में मैथिली ठाकुर को 84,915 वोट मिले थे। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आरजेडी के बिनोद मिश्रा को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की थी। वह बिहार विधानसभा की सबसे कम उम्र की विधायकों में से एक हैं।सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद लिया था बड़ा फैसला
साल 2020 में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद मैथिली ठाकुर ने एक बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने सोशल मीडिया और फेसबुक लाइव के माध्यम से कहा था कि इस घटना से वह और उनका परिवार काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने घोषणा की थी कि वह और उनके भाई के यूट्यूब चैनल पर बॉलीवुड गानों के नए कवर वीडियो अपलोड नहीं करेंगे। मैथिली ने कहा था कि वह अपनी संस्कृति और पसंद के अनुसार लोक गीतों और पारंपरिक संगीत को प्राथमिकता देंगी।

