Mahadev Betting App Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब कॉरपोरेट जगत के बड़े नामों तक पहुंच गई है। ऑनलाइन ट्रेवल प्लेटफॉर्म 'EaseMyTrip' के को-फाउंडर निशांत पिट्टी की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। जांच एजेंसी ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में निशांत पिट्टी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के साथ ही उनके 59.60 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों को प्रोविजनल रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है।
रायपुर कोर्ट में 5वीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल
ED ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित विशेष PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) अदालत में अपनी पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट पेश की है। इस नई चार्जशीट में कुल 42 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इसमें निशांत पिट्टी के अलावा 'EBIX' ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग का नाम भी प्रमुखता से शामिल है। जांच एजेंसी का सीधा आरोप है कि महादेव सट्टा ऐप के जरिए कमाई गई अवैध रकम (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPI) के रास्ते भारतीय शेयर बाजार में खपाया गया। ED ने अदालत से अटैच किए गए शेयरों को पूरी तरह से जब्त करने की अनुमति मांगी है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर EaseMyTrip की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
दुबई कनेक्शन और पैसों की 'लेयरिंग' का आरोप
एजेंसी के मुताबिक, निशांत पिट्टी से इस मामले में अब तक तीन बार पूछताछ की जा चुकी है। हालांकि, हर बार उन्होंने अवैध बेटिंग नेटवर्क से किसी भी तरह के सीधे या परोक्ष संबंध होने से साफ इनकार किया है। लेकिन ED की चार्जशीट में एक अलग कहानी सामने आती है। जांच रिपोर्ट के अनुसार, निशांत पिट्टी दुबई में सक्रिय 'स्काई एक्सचेंज' (Skyexchange) के मालिक हरिशंकर टिबरेवाल के बेहद करीबी हैं। एजेंसी ने 'स्काई एक्सचेंज' को एक अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म करार दिया है। आरोप है कि पिट्टी ने टिबरेवाल की मदद करते हुए सट्टेबाजी से जुटाए गए काले धन को सफेद करने के लिए अलग-अलग स्तरों पर पैसों का लेन-देन (Layering) किया, ताकि धन के असली स्रोत को छिपाया जा सके।EBIX चेयरमैन पर भी कार्रवाई, बीजेपी ने पद से हटाया
मामले की कड़ियां जोड़ते हुए ED ने पिछले दिनों EBIX ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग के दिल्ली स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं। इस कार्रवाई का असर राजनीतिक गलियारों में भी देखने को मिला—कार्रवाई के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विकास गर्ग को अपने आर्थिक प्रकोष्ठ के संयोजक पद से हटाते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता भी रद्द कर दी थी। महादेव बेटिंग ऐप के जरिए हुए हजारों करोड़ के इस कथित घोटाले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई बड़ी कंपनियों के प्रमोटर और वित्तीय मददगार ED के रडार पर आ रहे हैं। आने वाले दिनों में कोर्ट की सुनवाई के बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

